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₹100 टोल वसूली शुरू होते ही स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का विरोध, शहरी विकास मंत्री बोले—फिलहाल वसूली रोकी जाए, पूरे मामले की होगी जांच

नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका द्वारा बुधवार रात 12 बजे से बाहरी दोपहिया वाहनों पर नगर प्रवेश शुल्क लागू किए जाने के बाद शहर में विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों, अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे अनुचित बताया। बढ़ते विरोध और हंगामे के बीच शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोपहिया वाहनों से टोल वसूली पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच कराने की बात भी कही है।

दरअसल, नैनीताल में ब्रिटिशकाल से ही नगर सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों से प्रवेश शुल्क वसूला जाता रहा है। वर्तमान व्यवस्था के तहत चारपहिया वाहनों से नैनीताल जिले के वाहनों के लिए प्रति प्रवेश ₹200 तथा बाहरी जिलों एवं राज्यों के वाहनों के लिए ₹300 शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क प्रत्येक प्रवेश (प्रति फेरा) के आधार पर लागू होता है।

पिछले वर्ष नगर पालिका ने इस व्यवस्था का संचालन स्वयं महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया था, लेकिन इस वर्ष नगर प्रवेश शुल्क की वसूली का ठेका एक बाहरी एजेंसी को 21 माह के लिए लगभग 24 करोड़ रुपये में दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत बुधवार रात से बाहरी दोपहिया वाहनों से भी ₹100 प्रति प्रवेश शुल्क वसूला जाने लगा। जैसे ही वसूली शुरू हुई, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि दोपहिया वाहनों पर इस प्रकार का शुल्क लगाना आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब फांसी गधेरा क्षेत्र में अधिवक्ताओं से भी शुल्क वसूला गया। इससे नाराज अधिवक्ता एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए और मौके पर जमकर हंगामा हुआ। विरोध के चलते नगर में देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

मामला तूल पकड़ने पर शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से बातचीत कर तत्काल प्रभाव से दोपहिया वाहनों से नगर प्रवेश शुल्क की वसूली रोकने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर नियमों के विपरीत निर्णय लिया गया है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल दोपहिया वाहनों से टोल वसूली पर रोक लगने की संभावना है। वहीं स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने मांग की है कि नगर प्रवेश शुल्क व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए।

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