ब्रेकिंग न्यूज़
गोला नदी में मिला अज्ञात युवक का शव, शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी; पहचान के लिए पुलिस ने जारी किया हुलियाज्योलीकोट में दूषित पानी से पीलिया संकट पर प्रशासन सख्त: एडीएम सौरभ असवाल ने प्रदूषित जलस्रोत बंद करने के दिए निर्देश, ब्लॉक प्रमुख बोले—“तीन जानें गईं, अब चुप नहीं बैठेंगे”हल्द्वानी : सड़क पर हुड़दंग, गुंडागर्दी, मनमानी और अराजकता करने वालों पर SSP  मंजूनाथ टी सी का शिकंजाडीएसबी कॉलेज के पूर्व अध्यापक व शोधार्थी प्रो. अरुण कुमार मित्तल का निधन, 73 वर्ष की आयु में लखनऊ में ली अंतिम सांसUGB Champions League T20 में दिख रहा खेल भावना और टीमवर्क का उत्साह, स्वस्थ जीवनशैली का भी दिया जा रहा संदेश

हल्द्वानी। भीमताल क्षेत्र में बाघ/गुलदार के बढ़ते हमलों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 100 से अधिक स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को तीन दिनों के लिए बंद करने के आदेश जारी किए हैं।

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने 25 से 27 अप्रैल तक प्रभावित क्षेत्रों के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक आदेश के तहत भीमताल ब्लॉक के ज्योलिकोट, भुजियाघाट, रानीबाग और बेल बसानी जैसे संवेदनशील इलाकों में यह आदेश लागू रहेगा। लगातार बढ़ते हमलों और स्कूली बच्चों पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

पिछले दो महीनों में हल्द्वानी, भीमताल और ओखलकांडा क्षेत्र में आदमखोर के हमलों में आठ लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जंगल किनारे बसे गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोग देर से घरों से निकल रहे हैं और शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।

सबसे अधिक चिंता उन बच्चों को लेकर है जो जंगल से लगे रास्तों से पैदल स्कूल जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आदमखोर की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है।

डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षण संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्कूलों में तैनात कर्मचारियों और अभिभावकों ने भी प्रशासन के फैसले को जरूरी बताया है।

लगातार हो रहे हमलों के बीच ग्रामीणों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। विभाग की ओर से गश्त तेज करने और पिंजरे लगाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आदमखोर अब तक पकड़ से बाहर है। ग्रामीणों ने जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी-लालकुआं को केंद्र की बड़ी सौगात: नगला से लालकुआं तक बनेगा 7 किमी बाईपास, गौला पुल से नारीमन तिराहे तक फोरलेन को मंजूरी

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.