बुरांश, बांज, देवदार और पदम के पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने युवाओं से प्रकृति से जुड़ने का किया आह्वान
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा संचालित ‘मिशन ग्रीन’ अभियान के तहत रविवार को विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा (एलुमनी), प्रसिद्ध एस्ट्रो टेरोलॉजिस्ट, आध्यात्मिक मार्गदर्शक, सलाहकार एवं प्रेरक वक्ता नंदिता पांडे ने परिसर में बुरांश, बांज, देवदार एवं पदम के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वर्ष 1994 में कुमाऊं विश्वविद्यालय से एम.एससी. जियोलॉजी की उपाधि प्राप्त कर चुकीं नंदिता पांडे ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति को हरित बनाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना जरूरी है। वृक्ष वातावरण में उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कर पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पौधारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं एलुमनी सेल के महासचिव प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि पौधारोपण युवाओं के लिए केवल प्रेरणादायी गतिविधि नहीं, बल्कि प्रकृति को निकट से समझने और उसके संरक्षण में अपनी भूमिका तय करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सावन माह में किया गया पौधारोपण प्रकृति के प्रति सबसे सकारात्मक और सार्थक समर्पण है।
इस अभियान के लिए बुरांश, बांज, देवदार और पदम के पौधे वन क्षेत्राधिकारी आनंद लाल आर्य द्वारा उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में डॉ. मौलश्री जोशी, वसुंधरा, दीपशिखा ओली, मोहित खाती तथा लीला ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से नंदिता पांडे का स्वागत करते हुए उन्हें पौधों के फ्लायर भेंट किए गए।
उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए मिशन ग्रीन अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।


