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राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। एनआईए ने बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में दो संदिग्धों की जानकारी देने वाले को 10-10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

एनआईए ने दो संदिग्ध मुसाविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मथीन ताहा पर इनाम की घोषणा की है। इंडिया टुडे रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों पर कैफे में आईईडी लगाने और साजिश रचने का आरोप है। ये दोनों पहले से ही 2020 के आतंकवाद मामले में वांछित हैं। एनआईए ने कहा था कि शरीफ ने अन्य आरोपी व्यक्तियों को साजो-सामान संबंधी सहायता प्रदान की थी।

एक बड़ी सफलता के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) ने बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले के एक मुख्य षड्यंत्रकर्ता को गिरफ्तार किया है।

एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया है कि एनआईए की कई टीम द्वारा 18 स्थानों ( कर्नाटक में 12, तमिलनाडु में पांच और उत्तर प्रदेश में एक स्थान) पर कार्रवाई के बाद मुजम्मिल शरीफ को बुधवार को पकड़ा और सह-षड्यंत्रकर्ता के रूप में उसे हिरासत में ले लिया। एनआईए ने तीन मार्च को इस मामले को अपने हाथ में लिया था।

एजेंसी ने इसके पहले मुख्य आरोपी के रूप में मुसाविर शाजीब हुसैन की पहचान की थी जिसने विस्फोट को अंजाम दिया था।

बयान में कहा गया है कि एक अन्य षड्यंत्रकर्ता अब्दुल मथीन ताहा की भी पहचान की गई है।जो अन्य मामलों में भी एजेंसी द्वारा वांछित है। इसमें कहा गया है दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं।

एनआईए की जांच से पता चला है कि मुजम्मिल शरीफ ने एक मार्च को बेंगलुरु के आईटीपीएल रोड पर ब्रुकफील्ड स्थित कैफे में आईईडी विस्फोट से जुड़े मामले में पहचाने गए अन्य दो आरोपियों को जरूरी सहायता प्रदान की थी।

इस विस्फोट में कई ग्राहक और होटल के कर्मचारी घायल हो गए और संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा। इस विस्फोट में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

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