जलभराव पर फूटा कमिश्नर का गुस्सा, अधिकारियों की सुस्त रफ्तार पर लगाई फटकार
– 200 करोड़ की रोड-ड्रेनेज परियोजनाओं की समीक्षा, नवंबर 2028 तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश
16 किमी सड़क व ड्रेनेज नेटवर्क की समीक्षा के बाद प्रमुख नालों का किया निरीक्षण, विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर दिया जोर
हल्द्वानी। बरसात के दौरान हर साल जलभराव की समस्या से जूझ रहे हल्द्वानी में प्रस्तावित सड़क एवं ड्रेनेज परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 16 किलोमीटर लंबे सड़क एवं ड्रेनेज नेटवर्क की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या विभागीय समन्वय की कमी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक के बाद आयुक्त दीपक रावत ने शहर के प्रमुख नालों का स्थलीय निरीक्षण भी किया और जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न स्थानों पर जलभराव के कारणों की जानकारी ली और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) के माध्यम से हल्द्वानी में सड़क एवं ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाकर स्थायी समाधान विकसित किया जाएगा।
हालांकि परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आयुक्त ने कहा कि जिस गति से कार्य आगे बढ़ने चाहिए थे, वह धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दीपक रावत ने वन विभाग, यूपीसीएल तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की अनुमति, तकनीकी प्रक्रिया या प्रशासनिक औपचारिकताएं विकास कार्यों में बाधा नहीं बननी चाहिए। सभी विभाग समयबद्ध ढंग से आवश्यक अनुमतियां और सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हो सकें।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवंबर 2028 तक हर हाल में सभी सड़क एवं ड्रेनेज परियोजनाओं को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शहरवासियों को बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से काफी राहत मिलेगी। साथ ही शहर को बेहतर सड़क और आधुनिक जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य हल्द्वानी को जलभराव की समस्या से मुक्त कर एक सुव्यवस्थित और बेहतर शहरी आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है।



