ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

जनगणना 2027 के मद्देनज़र चुनाव कार्यक्रम में बदलाव की अटकलें, दोनों प्रमुख दल संगठन मजबूत करने में जुटे

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने इन अटकलों को नई हवा दे दी है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित जनगणना कार्यक्रम को देखते हुए कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले कराए जा सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, जनगणना और विधानसभा चुनाव एक ही अवधि में होने की स्थिति में प्रशासनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। चुनावी ड्यूटी और जनगणना दोनों में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं सरकारी कर्मचारियों की तैनाती होती है। ऐसे में दोनों महत्वपूर्ण कार्यों के एक साथ होने से प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। इसी वजह से चुनावी कार्यक्रम में बदलाव की संभावनाओं पर विचार किए जाने की चर्चा है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, उत्तराखंड के साथ-साथ गोवा, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसी तरह की संभावनाओं पर मंथन चल रहा है। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है, जबकि उसी समय जनगणना का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। हालांकि चुनाव कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का बदलाव निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के निर्णय पर ही निर्भर करेगा।

इस बीच भाजपा ने चुनावी तैयारियों को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पिछले तीन दिनों से मसूरी प्रवास पर हैं। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच संवाद बढ़ाने और संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत करने का आह्वान किया। पिछले 20 दिनों में उनका यह दूसरा उत्तराखंड दौरा माना जा रहा है।

भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर कोर कमेटियों का गठन कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर इन समितियों की बैठकें भी शुरू हो चुकी हैं, जिनमें बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

यह भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री धामी का जनसंपर्क अभियान, केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं
error: Content is protected !!