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रामनगर (नैनीताल)। रामनगर वन प्रभाग की कोटा रेंज के अंतर्गत राजस्व गांव चोपड़ा में मंगलवार शाम बाघ के हमले से एक महिला घायल हो गई। महिला ने साहस का परिचय देते हुए बाघ की ओर बर्तन फेंककर खुद को बचाया, जबकि साथ मौजूद अन्य महिलाओं के शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार चोपड़ा गांव निवासी उमा देवी (40 वर्ष), पत्नी भुवन चंद्र, पड़ोस की गंगा देवी और गीता देवी के साथ मंगलवार शाम करीब चार बजे घर से लगभग 50 मीटर दूर स्थित जल स्रोत पर पानी लेने गई थीं। ग्रामीणों के मुताबिक जैसे ही तीनों महिलाएं जल स्रोत के पास पहुंचीं, वहां पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने उमा देवी पर हमला कर दिया।

अचानक हुए हमले के बावजूद उमा देवी ने घबराने के बजाय साहस दिखाते हुए अपने हाथ में मौजूद बर्तन बाघ की ओर फेंका। इसी दौरान साथ मौजूद महिलाओं ने जोर-जोर से शोर मचाया। बताया जा रहा है कि बाघ ने गंगा देवी पर भी झपटने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं की चीख-पुकार और विरोध के चलते वह जंगल की ओर भाग गया।

हमले में उमा देवी की गर्दन के पीछे गंभीर चोट आई। घटना के बाद तीनों महिलाएं किसी तरह गांव पहुंचीं और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। घायल महिला को पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रामनगर के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया।

सूचना मिलने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी अंकित बडोला और कोटा रेंजर संजीव आर्या अस्पताल पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश नैनवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल महिला का हालचाल जाना और वन विभाग से हमलावर बाघ को पकड़ने की मांग की।

वन विभाग का कहना है कि घटना स्थल पर मिले पगमार्क के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि हमला बाघ ने किया है या गुलदार ने। क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाने और पिंजरा स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया जाएगा।

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