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143 और 229-बी के मामलों में लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों को फटकार, प्रतिकूल प्रविष्टि और कार्रवाई के निर्देश

नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने सोमवार को नैनीताल स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वर्षों से लंबित राजस्व वादों, अभिलेखों के रखरखाव और कार्यालयीय कार्यप्रणाली में पाई गई गंभीर खामियों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

आयुक्त ने धारा 229-बी के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान पाया कि कुछ प्रकरण 15 से 20 वर्षों से लंबित हैं। इस पर उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि पुराने मामलों में बार-बार लंबी तिथियां देने के बजाय सप्ताह में नियमित सुनवाई कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

धारा 176 के संपत्ति बंटवारे से जुड़े मामलों की समीक्षा में यह भी सामने आया कि उपजिलाधिकारी के आदेश के बावजूद कई पटवारियों ने ‘कुर्रे’ दाखिल नहीं किए। इस पर आयुक्त ने लापरवाह कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

धारा 143 के मामलों की समीक्षा के दौरान राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल द्वारा अभिलेखों और लंबित मामलों की संतोषजनक जानकारी न देने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने उपजिलाधिकारी को संबंधित कर्मचारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए लापरवाही बरतने वालों की सूची तैयार कर कार्रवाई करने को कहा।

आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि जनता को अपने कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 143 से जुड़े सभी लंबित मामलों के निस्तारण तक कार्यालय खुला रखा जाए और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित राजस्व वाद अपलोड करने, सम्मन तामिली पंजिका और इश्तहार पंजिका के नियमित रखरखाव के भी निर्देश दिए।

इसके बाद आयुक्त ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां रजिस्ट्री दस्तावेजों और अभिलेखों के रखरखाव में अनियमितताएं मिलीं। रजिस्ट्री के बाद दस्तावेज प्राप्ति की रिसिविंग पंजिका उपलब्ध न होने और कई रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड मौके पर न मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई तथा सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण तलब किया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु मीणा, तहसीलदार अक्षत कुमार भट्ट सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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