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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पशुपालन, परिवहन, शिक्षा, आबकारी, कारागार और पर्यटन विभागों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा लाभ किसानों, चारधाम यात्रा से जुड़े घोड़े-खच्चर स्वामियों, राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों और विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों को मिलेगा।

कैबिनेट ने पशुपालन विभाग की पायलट परियोजना को स्वीकृति देते हुए गौवंशीय पशुओं में नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण (एम्ब्रियो ट्रांसफर) तकनीक लागू करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इससे उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले पशुओं की संख्या बढ़ेगी और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

चारधाम यात्रा से जुड़े पशु स्वामियों को भी बड़ी राहत मिली है। अब केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्गों पर माल और यात्रियों को ढोने वाले पंजीकृत घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 80 प्रतिशत राशि पशु स्वामी देंगे। वर्ष 2026 की यात्रा में लगभग 15 हजार पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार इस मद में करीब 1.05 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

इसके अलावा उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण से जुड़े मामले में भी कैबिनेट ने राहत दी है। 18 अगस्त 2024 की अधिसूचना और 24 नवंबर 2024 के शासनादेश के बीच निकली भर्ती परीक्षाओं में आवेदन करने वाले ऐसे अभ्यर्थियों, जिन्होंने बाद में आरक्षण प्रमाण-पत्र जमा किया था, उन्हें दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक बार का अवसर देने का निर्णय लिया गया है। इससे जूनियर सहायक, पुलिस आरक्षी, पीएसी-आईआरबी आरक्षी और अपर निजी सचिव जैसी भर्तियों के पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।

बिटुमिन की बढ़ती कीमतों से ठेकेदारों को राहत

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में हुई वृद्धि का असर भारत में पेट्रोलियम उत्पादों पर भी पड़ा है, जिसके चलते बिटुमिन की कीमत में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है. इससे लोक निर्माण विभाग के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की लागत प्रभावित हुई. मंत्रिमंडल ने 1 अप्रैल 2026 से पहले हुए सभी बिटुमिनस कार्य अनुबंधों में, जिनकी समयावधि अभी शेष है, मूल्य समायोजन की अनुमति दे दी है. यह समायोजन 1 मई से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए लागू होगा और केवल बिटुमिन से जुड़े कार्यों पर ही प्रभावी होगा, ताकि ठेकेदारों को नुकसान न उठाना पड़े.

आबकारी नीति में तकनीकी संशोधन

त्रिवर्षीय आबकारी नीति (2025-26, 2026-27, 2027-28) से जुड़ी 31 मार्च 2026 की अधिसूचना में एक विसंगति सामने आई थी, जिसमें होलोग्राम शुल्क दो जगह दर्ज हो गया था. मंत्रिमंडल ने उपकर को वैट अधिनियम 2005 के तहत वैट गणना का हिस्सा बनाने और दोहराव की स्थिति खत्म करने के लिए संबंधित अनुलग्नक से होलोग्राम शुल्क हटाने को मंजूरी दे दी है.

सेलाकुई में मिलावट जांच के लिए अत्याधुनिक मशीन

निर्यात बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मंत्रिमंडल ने सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में Trade Infrastructure for Export Scheme के अंतर्गत Accelerator Mass Spectrometry मशीन के संचालन को मंजूरी दी है. यह मशीन किसानों, उद्योगों और संस्थानों से खरीदे जाने वाले सुगंधित तेलों और उत्पादों में मिलावट की जांच करेगी और सिंथेटिक तथा प्राकृतिक उत्पादों के बीच अंतर स्पष्ट करेगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रदेश के उत्पादों की प्रामाणिकता साबित हो सकेगी. मशीन के संचालन के लिए प्रोजेक्ट साइंटिस्ट, सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट, प्रोजेक्ट एसोसिएट और दो तकनीकी सहायकों समेत कुल पांच पद सृजित किए जाएंगे.

हिमालयन कार रैली से मिलेगी पर्यटन को नई पहचान

प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने के मकसद से सरकार अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन करने जा रही है. इस आयोजन में 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों, 25 एशिया क्रॉस कंट्री रैली प्रतिभागियों, 20 क्लासिक कार रैली तथा 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चैंपियनशिप प्रतिभागियों समेत कुल 120 से अधिक एंट्री शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. इतने बड़े आयोजन के सफल संचालन के लिए अनुभवी एजेंसी की जरूरत को देखते हुए मंत्रिमंडल ने एकल स्रोत के आधार पर संस्था का चयन करने की अनुमति दे दी है.

उपनल कर्मचारियों के लिए कट-ऑफ डेट में बदलाव

नैनीताल उच्च न्यायालय के 20 अप्रैल 2026 के आदेश के अनुपालन में मंत्रिमंडल ने उपनल के माध्यम से नियुक्त कार्मिकों को समान काम के लिए समान वेतन देने की पात्रता तय करने वाली कट-ऑफ तिथि में बदलाव किया है. पहले यह तिथि 12 नवंबर 2018 निर्धारित थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट के 15 अक्तूबर 2024 के आदेश के अनुरूप संशोधित कर दिया गया है. इससे बड़ी संख्या में उपनल कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

कारागार नियमावली में संशोधन

सुप्रीम कोर्ट के 3 अक्तूबर 2024 के आदेश के अनुपालन में उत्तराखंड कारागार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली 2026 को प्रख्यापित करने की सहमति दी है. यह संशोधन उन अभ्यस्त अपराधियों से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट करता है जिन्हें उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध अधिनियम 1952 के तहत कम से कम तीन बार कारावास की सजा हो चुकी है और जिनकी सजा अपील या पुनरीक्षण में रद्द नहीं हुई है.

इसी क्रम में कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली 2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दे दी है. विभाग में कारापाल के कुल 14 पद स्वीकृत हैं जो उप कारापालों की पदोन्नति से भरे जाते हैं, लेकिन राज्य गठन के बाद से इसके लिए अलग सेवा नियमावली नहीं बनाई गई थी. उत्तर प्रदेश की 1980 वाली नियमावली के अनुकूलन आदेश पर ही अब तक काम चल रहा था, जिसे अब प्रदेश की अपनी नियमावली से बदला जाएगा.

संस्कृत शिक्षा विनियमावली में बदलाव

राज्य के संस्कृत विद्यालयों को मान्यता देने, पाठ्यक्रम तय करने और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद् की कार्यप्रणाली को और सुगम बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली 2026 के प्रख्यापन पर सहमति जताई है. वर्ष 2014 के अधिनियम और 2023 की विनियमावली में अनुभव के आधार पर सामने आई कुछ व्यावहारिक कमियों को इस संशोधन के जरिए दूर किया जाएगा.

उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य

बैठक की सबसे उल्लेखनीय घोषणाओं में रही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साक्षरता मानकों के अनुरूप उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित करने का प्रस्ताव, जिसे मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी. यह उपलब्धि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और साक्षरता अभियानों की वर्षों की मेहनत का नतीजा बताई जा रही है.

गोल्डन कार्ड के लंबित बिलों का होगा भुगतान

राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में मरीजों के इलाज के बदले लंबे समय से अटके बिलों के भुगतान के लिए सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता देगी, जिससे अस्पतालों को राहत मिलेगी और योजना का क्रियान्वयन सुचारू बना रहेगा.

किशाऊ बांध परियोजना पर सहमति बनने पर जताया आभार

बैठक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने वर्षों से लंबित किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बन जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया. यह परियोजना लंबे समय से अंतरराज्यीय विवादों के कारण अटकी हुई थी, और केंद्र की मध्यस्थता से अब इसके आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है.

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