हल्द्वानी। नितिन हत्याकांड मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया।
आरोपी भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ ‘चिन्टू’ और उनके पुत्र जय को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया।
जब पिता-पुत्र एक साथ हथकड़ी में अदालत परिसर पहुंचे, तो यह दृश्य पूरे मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाता नजर आया।
न्यायालय परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस पेशी के बाद शहर में राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जनप्रतिनिधि ही इस तरह के गंभीर आपराधिक आरोपों में घिर जाएं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा।
रविवार देर रात सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे हुई फायरिंग की घटना में 22 वर्षीय नीतिन लोहनी की गोली लगने से मौत हो गई थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में हल्द्वानी नगर निगम के पार्षद अमित बिष्ट पर नीतिन को गोली मारने का गंभीर आरोप है। घायल अवस्था में नीतिन को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस फिलहाल आपसी रंजिश, पुराने विवाद समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की साजिश और वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।











