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भवाली /रामगढ। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं समसामयिक आर्थिक- सामाजिक गहन समझ विकसित करने के उद्देश्य से विविध शैक्षणिक एवं सह शैक्षिक प्रतियोगिताओं का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह, रचनात्मकता एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण का परिचय दिया।

 प्राचार्य प्रोफेसर नगेंद्र दिवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल शैक्षणिक ज्ञान को सुदृण करती है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन एवं वैश्विक दृष्टिकोण का भी विकास करती हैं।

अर्थशास्त्र परिषद ने भाषण प्रतियोगिता जिसका विषय ‘पश्चिम एशिया युद्ध और तेल संकट: समस्या और समाधान’ का आयोजन किया ।

जिसमें कु यमुना प्रथम ,ललिता द्वितीय और प्रियांशु पाल तृतीय स्थान पर रहे। समाजशास्त्र परिषद की ‘ईरान युद्ध का सामाजिक प्रभाव’ पर भाषण प्रतियोगिता मै ललिता प्रथम, यमुना द्वितीय रही।

संस्कृत विभाग के निबंध प्रतियोगिता में ललिता प्रथम, ममता द्वितीय और अंजलि तृतीय स्थान पर रही ।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सूरज प्रथम, ममता द्वितीय ललिता तृतीय स्थान पर रही ।

पीएमआईएस योजना के तहत कुमारी बीना, हिमांशी, दीपेश, रीता, हिमानी ने अपना पंजीकरण कराया ।

राजनीति विज्ञान परिषद ने 

ई- ग्रंथालय और पुस्तकालय पर चर्चा की। डॉ संध्या गडकोटी ने पुस्तकों के महत्व से छात्र-छात्राओं को रूबरू कराया। 

कार्यक्रम का संचालन 

डॉ निर्मला रावत ने किया। निर्णायक मंडल में डॉ नीमा पन्त, डॉ हरेश राम, डॉ संध्या गडकोटी रहे।

डॉ नीमा पंत ने पश्चिम एशिया युद्ध पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए कहा कि इस तरह के युद्ध विश्व संप्रदाय के लिए हानिकारक हैं, संपूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विनाशक की भूमिका का निर्वहन करते हैं ।युद्ध की बजाय शांति को उन्होंने समाधान बताया।

अंत में सभी का आभार डॉ माया शुक्ला ने व्यक्त किया और कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

 कार्यक्रम आयोजक 

डॉ हरीश चन्द्र जोशी ने सभी का स्वागत किया और कहां की छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं नितांत आवश्यक हैं

 इस अवसर पर कविंद्र प्रसाद, दीप्ती ,गणेश, कमलेश, कुंदन और प्रेम भारती उपस्थित रहे।

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