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देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार दोपहर बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार सुबह तक जारी रहा।

मौसम विभाग ने प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालात को देखते हुए संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मंगलवार को देहरादून में दोपहर बाद अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। बीच-बीच में धूप भी खिलती रही, लेकिन बारिश के चलते सुबह और शाम की ठंड और बढ़ गई है। तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। देर रात से फिर बारिश का दौर शुरू हो गया।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को देहरादून और आसपास के इलाकों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की धूप के भी आसार हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। निचले क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। वहीं 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्के हिमपात के आसार जताए गए हैं। गुरुवार से मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।
केदारनाथ में दो फीट तक जमी बर्फ
केदारनाथ धाम में लगातार दूसरे दिन बारिश और बर्फबारी के चलते करीब दो फीट तक बर्फ जम गई है। यहां तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनी हुई है। आईटीबीपी और पुलिस के जवान भारी बर्फबारी के बीच ड्यूटी पर तैनात हैं।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गिरा तापमान
तुंगनाथ, मद्महेश्वर, त्रिजुगीनारायण समेत अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भी दूसरे दिन बर्फबारी हुई, जिससे तापमान माइनस 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों में भारी बारिश व बर्फबारी की चेतावनी जारी की है।
पांच जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी
डीजीआरई चंडीगढ़ ने प्रदेश के पांच जिलों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। चेतावनी के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को ऑरेंज श्रेणी में रखा गया है, जहां मध्यम आकार के प्राकृतिक हिमस्खलन घाटियों तक पहुंच सकते हैं। पिथौरागढ़ को येलो श्रेणी में रखा गया है, जबकि बागेश्वर को ग्रीन श्रेणी में शामिल किया गया है।
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
हिमस्खलन की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन सचिव ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, स्थानीय लोगों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी देने और दिन-रात मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही बर्फीले क्षेत्रों में आवागमन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और पुराने हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी रखने को कहा गया है।

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