पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प, पॉलीथीन के दुष्प्रभावों के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक

हल्दूचौड़ (नैनीताल)। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ क्षेत्र की ग्रामसभा सकुलिया और खड़कपुर में “पेड़ लगाओ, पॉलीथीन हटाओ, धरती बचाओ” अभियान चलाया गया। अभियान के तहत ग्रामीणों को फलदार पौधे निशुल्क वितरित किए गए और अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी एवं पर्यावरणविद् डॉ. आशुतोष पन्त ने कहा कि आज विकास के नाम पर जिस तेजी से पेड़ों की कटाई हो रही है, वह आने वाले समय के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर कागजों में लाखों पौधे लगाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर पौधों के संरक्षण और उनके पेड़ बनने तक की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि पेड़ों की लगातार कमी का असर जलवायु और मौसम के स्वरूप पर साफ दिखाई दे रहा है। कहीं पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है तो कहीं अतिवृष्टि से भारी नुकसान हो रहा है। औसत तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर मानव जीवन, कार्यक्षमता और पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें बचाकर बड़ा करना भी जरूरी है।

‘पौधा लगाना ही नहीं, उसकी देखभाल भी जरूरी’

डॉ. पन्त ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम कुछ पौधे लगाने का संकल्प ले और उनकी जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि फलदार पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों के लिए भविष्य में उपयोगी भी साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पेड़ हवा को शुद्ध करने, तापमान नियंत्रित करने, मिट्टी का कटाव रोकने और जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिए सामूहिक स्तर पर पौधरोपण अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

पॉलीथीन के खिलाफ ग्रामीणों को किया जागरूक

अभियान के दौरान ग्रामीणों को पॉलीथीन के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. पन्त ने कहा कि पॉलीथीन पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है और इसके अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी, जल स्रोतों तथा पशु-पक्षियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने लोगों से पॉलीथीन का प्रयोग पूरी तरह छोड़ने और इसके स्थान पर कपड़े या अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों का इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही ग्रामीणों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक-पॉलीथीन को खुले में न फेंकने के लिए भी प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। इस दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डॉ. आशुतोष पन्त ने अभियान के सफल आयोजन में सहयोग के लिए खड़कपुर ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार, सकुलिया ग्राम प्रधान पुष्पा जोशी, विपिन जोशी, समाजसेवी देवेंद्र बिष्ट तथा मुख्य संयोजक समाजसेवी गोपाल जोशी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यदि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसलिए “पेड़ लगाओ, पॉलीथीन हटाओ और धरती बचाओ” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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