नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित वनस्पति विज्ञान विभाग में सोमवार को शोधार्थी शीतल शर्मा की पीएचडी की अंतिम मौखिक (वाइवा-वोसे) परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया, जिसमें विशेषज्ञ परीक्षक के रूप में प्रो. भावना पांडे, डीन, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात, शामिल हुईं।

शीतल शर्मा ने “Studies of Asteraceae Family of Tarai and Bhabar and Their Ethnobotanical Uses” विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया। इस शोध में तराई एवं भाबर क्षेत्र में पाई जाने वाली एस्टेरेसी (Asteraceae) कुल की वनस्पतियों तथा उनके पारंपरिक एवं औषधीय उपयोगों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। शोध कार्य का निर्देशन डॉ. स्नेह लता मौर्य, राधे हरि पीजी कॉलेज, काशीपुर ने किया।

वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने मौखिक परीक्षा का संचालन एवं समन्वय किया। विशेषज्ञ परीक्षक ने शोध कार्य की गुणवत्ता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा शोधार्थी की विषय पर गहन समझ की सराहना करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर प्रश्न पूछे, जिनका शीतल शर्मा ने संतोषजनक उत्तर दिया।

इस अवसर पर विभाग के अनेक शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। इनमें प्रो. सुरेंद्र बरगली, प्रो. किरण बरगली, प्रो. सुषमा टम्टा, प्रो. नीलू लोधियाल, प्रो. अनिल बिष्ट, डॉ. कपिल खुल्बे, डॉ. प्रभा पंत, डॉ. नवीन पांडे, डॉ. हर्ष चौहान सहित लता, विशाल, वसुंधरा, चारु, दीपशिखा ओली और शीतल कोरंगा सहित अन्य शोध छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

विभागाध्यक्ष एवं उपस्थित शिक्षकों ने शीतल शर्मा को पीएचडी की अंतिम मौखिक परीक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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