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भीमताल (नैनीताल)। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विकासखंड ओखलकांडा स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थल देवगुरु बृहस्पति धाम में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह धाम मानसखंड मंदिर माला परियोजना के अंतर्गत आता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन एकत्रित हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।

मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान प्रारंभ किए गए। इस दौरान पूर्व में चर्चा में रहे साध्वी एवं भाजपा नेत्री उमा भारती के मंदिर आगमन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। मंदिर प्रबंधन समिति एवं प्रधान पुजारी हेम जोशी ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह एवं आंतरिक क्षेत्र में महिलाओं का प्रवेश प्राचीन परंपराओं के अनुसार वर्जित है।

उमा भारती ने इस परंपरा की जानकारी मिलने पर उसका पूर्ण सम्मान करते हुए दूर से ही दर्शन किए और अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने मंदिर की परंपराओं एवं स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भविष्य में भी इनके पालन का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने देवगुरु बृहस्पति धाम के विकास, निर्माण कार्यों और पर्यटन विभाग की योजनाओं में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

कार्यक्रम के दौरान  उत्तम सिंह नयाल,  कुंदन सिंह नयाल,  किशन सिंह पडियार, प्रेमानंद महाराज (बाबा जी), कमल जोशी (आचार्य), प्रधान पुजारी हेम जोशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बोहरा और महासचिव मदन सिंह नॉलिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी उपस्थित लोगों से संवाद कर परंपराओं से जुड़े संशयों का समाधान किया। धार्मिक आस्था और लोक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आयोजन शांतिपूर्ण एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।

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