सड़क निर्माण कार्य के चलते सड़क कटान का भारी मलवा लोहाखाम ताल के पवित्र कुंड को  पहुंचा रहा है नुकसान

भीमताल। ओखलकांडा ब्लॉक के लोहाखाम ताल के संरक्षण के लिए स्थानीय लोहाखाम सेवक आगे आए हैं।

लोहाखाम भक्तों ने डोबा और हरीशताल के मध्य स्थित प्राकृतिक लोहाखाम ताल के संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाया है।

क्षेत्र के मनोज मटियाली(संस्थापक लोहाखाम ताल बचाओ संघर्ष समिति) एव लोहाखाम सेवक राजू मटियाली, प्रकाश मटियाली, पूरन रूवाली, कुंवर मटियाली,गोपाल नदगली, धर्म मटियाली, श्याम सिंह मटियाली, अकेश कुमार, दिनेश रूवाली, घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि लोहाखाम ताल का धार्मिक महत्व है।भीमताल : सड़कों के मलवे से लोहाखाम ताल के पवित्र (कुण्ड) का अस्तित्व खतरे में, ग्रामीणों ने लोहाखाम ताल के संरक्षण की उठाई मांग,आंदोलन की दी चेतावनी

यहां हर साल वैसाखी पूर्णिमा को बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। लोहाख़ाम कुण्ड में स्नान करना गंगा नहाने के बराबर पवित्र माना जाता है।भीमताल : सड़कों के मलवे से लोहाखाम ताल के पवित्र (कुण्ड) का अस्तित्व खतरे में, ग्रामीणों ने लोहाखाम ताल के संरक्षण की उठाई मांग,आंदोलन की दी चेतावनी

मनोज मटियाली ने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के चलते सड़क का मलबा ताल के पवित्र कुंड को नुकसान पहुंचा रहा है।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों से सड़क निर्माण के मलबे का निस्तारण दूसरी जगह करने को कहा है।भीमताल : सड़कों के मलवे से लोहाखाम ताल के पवित्र (कुण्ड) का अस्तित्व खतरे में, ग्रामीणों ने लोहाखाम ताल के संरक्षण की उठाई मांग,आंदोलन की दी चेतावनी

उन्होंने ताल की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा दीवार और चेकडैम के साथ पवित्र कुंड और ताल का संरक्षण करने की अपील की है।

अगर हमारी बात की सुनवाई जिम्मेदार विभाग और सरकार नहीं करती है तो एक बड़े आंदोलन के लिए समस्त लोहाखाम भक्त आगे बढ़ेंगे ।

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