ब्रेकिंग न्यूज़

उत्तराखंड में UKSSSC पेपर लीक को लेकर चल रहा प्रदर्शन 29 सितंबर 2025 को स्थगित कर दिया गया (UKSSSC protests called off ). प्रदर्शनकारियों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद 10 अक्टूबर तक ये प्रदर्शन स्थगित करने का फैसला किया।

सीएम धामी ने छात्रों से पेपर लीक मामले में CBI जांच कराने का वादा किया.

29 सितंबर को सीएम धामी प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने परेड ग्राउंड पहुंचे. उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि वो समझते हैं कि उत्तराखंड के युवा और छात्र सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सीएम ने कहा कि कथित पेपर लीक की जांच पहले से ही एक रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की निगरानी में एक SIT द्वारा की जा रही है।

इससे पहले 27 सितंबर को सीएम धामी ने प्रदर्शन को लीड कर रहे लोगों पर निशाना साधा था. उन्होंने ने कहा,

“जो लोग इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं, उनका छात्रों और उनकी परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है. फिर भी, 25 हजार अवसर देना हमारी जिम्मेदारी है. हमने एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में SIT गठित की है और जांच में जो भी सामने आएगा, हम कार्रवाई करेंगे. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों की ओर से कुछ लोग देश-विरोधी और सनातन विरोधी नारे लगा रहे हैं. लेकिन युवा समझदार और राष्ट्रवादी हैं क्योंकि हमारे राज्य की सीमा दो देशों से लगती है. और वो देवभूमि के हैं, इसलिए वो इन आदर्शों के साथ आगे बढ़ेंगे.”

पेपर लीक कैसे हुआ?

21 सितंबर 2025 को UKSSSC (उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन कमीशन) का एग्जाम आयोजित किया गया था. सुबह 11 बजे से होने वाले इस एग्जाम के आधे घंटे बाद इसका पेपर लीक हो गया. उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने सबसे पहले ये आरोप लगाए. कथित तौर पर ये पेपर खालिद मलिक नाम के एक अभ्यर्थी ने अपनी बहन को भेजा था. जिस पर आरोप है कि उसने इसे एक कॉलेज प्रोफेसर को सॉल्व करने के लिए भेजा था।

लेकिन प्रोफेसर ने ये पेपर बॉबी को भेज दिया. जिन्होंने इसे ऑनलाइन सर्कुलेट कर दिया, और दावा किया कि UKSSSC के स्तर पर इसमें धांधली हुई है. कथित पेपर लीक पूर्व भाजपा नेता हाकम सिंह की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुआ. हाकम पर 21 सितंबर का एग्जाम पास कराने के लिए कैंडिडेट्स से 15 लाख रुपये मांगने का आरोप है. वो इससे पहले 2021 के पेपर लीक मामले में जेल भी जा चुका है।

UKSSSC पेपर लीक मामले में पिछले एक हफ्ते में पुलिस ने खालिद और उसकी बहन सबिया को गिरफ्तार किया है. वहीं, सीएम धामी ने इस मामले को “नकल जिहाद” करार दिया है।

असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित

25 सितंबर को राज्य सरकार ने टिहरी में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को निलंबित कर दिया. प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने पेपर के सवालों के जवाब उपलब्ध कराए थे. सुमन पर पेपर लीक के आरोपी खालिद द्वारा भेजे गए 12 सवालों के जवाब भेजने का आरोप है. सुमन, अगरोड़ा के राजकीय महाविद्यालय में हिस्ट्री की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

यह भी पढ़ें :  नैनीताल : सीआरएसटी इंटर कॉलेज में कुमाऊं विश्वविद्यालय के इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेल ने आयोजित की आउटरीच कार्यशाला
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.