चुनाव से पहले पूर्व ARTO के घर 13 किलो सोना और नोटों के बंडल देख उड़े होश!
लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और नोएडा में मकान, प्लॉट व कृषि भूमि के दस्तावेज मिले, जांच जारी
आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा के तत्कालीन एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी की। दो दिनों तक चली इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी, हीरे-जवाहरात और करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, सात और आठ जुलाई को लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी तथा बड़ी मात्रा में हीरे-जवाहरात बरामद हुए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बरामद सोना, चांदी और आभूषणों का मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये आंका गया है।
जांच के दौरान लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और नोएडा में स्थित कई मकानों, प्लॉटों, फ्लैट बुकिंग और कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। इसके अलावा दो लग्जरी कारें, एक रिवॉल्वर तथा एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों ने बताया कि ललित कुमार के खिलाफ वर्ष 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच की जा रही है, जिसके तहत यह छापेमारी की गई।
विजिलेंस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है। सभी संपत्तियों के स्रोत, निवेश और आय के वैध स्रोतों का सत्यापन किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन की तलाशी में खुला ‘काली कमाई’ का राज
एआरटीओ के पास से 1.62 करोड़ रुपये नगद, जो पैकेट और बंडलों में छिपाकर रखे गए थे. करीब 13 किलोग्राम सोना, जो बिस्कुट, बार और भारी आभूषणों के रूप में था. इसकी बाजार कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. चांदी की लगभग 9 किलोग्राम चांदी के बिस्कुट और जेवरात बरामद हुए हैं।
लखनऊ से नोएडा तक 35 करोड़ का साम्राज्य!
नगद और सोने के अलावा विजिलेंस कीऔ टीम को पूर्व अधिकारी के घर से कई ऐसे गुप्त दस्तावेज मिले हैं, जो उनकी अकूत चल और अचल संपत्ति की गवाही दे रहे हैं।
शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ललित कुमार ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के कई प्रमुख शहरों में करोड़ों का निवेश कर रखा है. विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, इन दस्तावेजों में कुल 15 से अधिक कीमती संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 35 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
लखनऊ के पॉश इलाके अलीगंज में दो बड़े रिहायशी मकान, इस्माइलगंज, वृंदावन योजना और भरावं कला में आवासीय प्लॉट. बाराबंकी और रायबरेली में कई बीघा खेती की जमीन. नोएडा, लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर के हाई-टेक प्रोजेक्ट्स में फ्लैट्स की बुकिंग के कागजात मिले हैं।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।


