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कालाढूंगी में वन्य प्राणी सप्ताह का शानदार आगाज़, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को दिया गया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

रिपोर्टर- नीरज तिवारी

कालाढूंगी (नैनीताल)। उत्तराखंड में 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों, जंगलों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक करना है। इसी क्रम में शुक्रवार को कालाढूंगी में रामनगर वन प्रभाग की ओर से वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, शिक्षकों, स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को वन्यजीवों के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास, वनों के महत्व तथा पर्यावरणीय संतुलन में वन्यजीवों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों और वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं, बल्कि असंख्य जीव-जंतुओं का प्राकृतिक घर हैं। इनके संरक्षण के बिना पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना संभव नहीं है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया, नेचर गाइड मोहन पांडे समेत वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

वन्यजीवों को परेशान न करने की अपील

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने वन्यजीव संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से वन्यजीवों को अनावश्यक रूप से परेशान न करने की अपील की। उन्होंने जंगलों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने, वन क्षेत्रों की सुरक्षा करने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रहेंगे तो जंगलों और पर्यावरण का संतुलन भी बेहतर बना रहेगा। इसके लिए वन विभाग के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

बच्चों को दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों की सहभागिता विशेष रूप से रही। उन्हें वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने, जंगलों में कूड़ा न फैलाने, आग से वनों को बचाने और वन्यजीव दिखाई देने पर उन्हें छेड़ने या उनके करीब जाने के बजाय वन विभाग को सूचना देने के बारे में बताया गया।

नेचर गाइड मोहन पांडे ने भी प्रकृति और वन्यजीवों के बीच के संबंधों की जानकारी देते हुए बच्चों को जंगलों की जैव विविधता से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि प्रकृति को समझना और उसके प्रति जिम्मेदार व्यवहार करना ही वास्तविक संरक्षण की दिशा में पहला कदम है।

वन विभाग और जनता के बीच बेहतर समन्वय जरूरी : बंशीधर भगत

विधायक बंशीधर भगत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल सरकारी तंत्र के भरोसे संभव नहीं है। इसके लिए वन विभाग और स्थानीय जनता के बीच विश्वास, सहयोग और निरंतर संवाद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग जंगल और वन्यजीवों के सबसे करीब होते हैं। ऐसे में उनके सहयोग से वन संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियों का बेहतर समाधान निकाला जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने लोगों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

वन्य प्राणी सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों और स्थानीय लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ ही प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।

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