देश की बड़ी रॉकेट्री चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा उत्तराखंड: हल्द्वानी में 4-5 अक्टूबर को ‘आकाशयान स्पर्धा’; सीएम धामी वैज्ञानिकों व इनोवेटर्स से करेंगे संवाद
हल्द्वानी। उत्तराखंड का हल्द्वानी शहर देशभर के युवा स्पेस इनोवेटर्स, रॉकेट्री विशेषज्ञों और विज्ञान प्रतिभाओं की मेजबानी के लिए तैयार है। आगामी 4 और 5 अक्टूबर 2026 को गौलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में ‘आकाशयान स्पर्धा’ (नेशनल रॉकेट्री चैंपियनशिप-2026) का भव्य आयोजन किया जाएगा।
वर्ल्ड स्पेस वीक के उपलक्ष्य में होने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से स्कूलों, आईआईटी, एनआईटी तथा केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों की टीमें हिस्सा लेंगी।
आयोजन के दौरान प्रतिभागी रॉकेट्री, स्पेस टेक्नोलॉजी और क्रिएटिव साइंस से जुड़े विभिन्न प्रयोगों एवं प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमता और नवाचार का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराना है।
5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे शिरकत
कार्यक्रम के दूसरे और अंतिम दिन 5 अक्टूबर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे देशभर से पहुंचे युवा वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और स्पेस इनोवेटर्स से संवाद करेंगे। आयोजन में युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
एस्ट्रोवर्स के नेतृत्व में आयोजन, यू-कॉस्ट संस्थागत साझेदार
राष्ट्रीय रॉकेट्री चैंपियनशिप का आयोजन इसरो-वेरिफाइड स्पेस ट्यूटर ‘एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस’ की ओर से किया जा रहा है। यू-कॉस्ट (उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी) इसमें इंस्टीट्यूशनल पार्टनर की भूमिका निभा रहा है, जबकि नगर निगम हल्द्वानी भी आयोजन में सहयोगी के रूप में जुड़ा है।
एस्ट्रोवर्स के फाउंडर अजय रावत और को-फाउंडर शुभम कुमार के अनुसार, प्रतियोगिता में इसरो के वैज्ञानिकों और देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता भी रहेगी।
इससे विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के साथ संवाद करने और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई तकनीकों एवं संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
35 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाएगा हाई-एल्टीट्यूड बैलून
आकाशयान स्पर्धा का प्रमुख वैज्ञानिक आकर्षण हाई-एल्टीट्यूड बैलून (HAB) मिशन होगा। इस मिशन के तहत वैज्ञानिक पेलोड को करीब 35 किलोमीटर की ऊंचाई तक भेजने की योजना है। वहां से ऊपरी वायुमंडल से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा एकत्र करने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक एस्ट्रोवर्स इससे पहले हल्द्वानी से 7 से 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक HAB मिशन सफलतापूर्वक संचालित कर चुका है। इस बार मिशन को बड़े स्तर पर संचालित करने की तैयारी है।
कॉलेज वर्ग में रॉकेट्री और स्पेस टेक्नोलॉजी की प्रतियोगिताएं
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कॉलेज वर्ग के प्रतिभागियों के लिए रॉकेट्री और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कई श्रेणियां रखी गई हैं। इनमें विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
रीयूजेबल रॉकेट्री – ₹1.80 लाख तक
मल्टी-स्टेज रॉकेट्री – ₹1 लाख तक
सॉलिड फ्यूल रॉकेट्री – ₹60 हजार तक
रॉकेट सिमुलेशन – ₹35 हजार तक
स्कूली विद्यार्थियों को भी मिलेगा राष्ट्रीय मंच
स्कूल वर्ग में रॉकेट्री के साथ-साथ क्रिएटिव साइंस से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
एयर रॉकेट्री – ₹30 हजार तक
पैराशूट रॉकेट्री – ₹30 हजार तक
हाइड्रो रॉकेट्री – ₹20 हजार तक
एक्सटेम्पोर (आशुभाषण) – ₹12 हजार तक
स्पेस आर्ट – ₹10 हजार तक
स्पेस एजुकेशन के क्षेत्र में हल्द्वानी को नई पहचान मिलने की उम्मीद
नेशनल रॉकेट्री चैंपियनशिप के आयोजन से हल्द्वानी को स्पेस एजुकेशन और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
देशभर के युवा प्रतिभागियों के एक मंच पर जुटने से स्थानीय विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागियों से सीखने और प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट्री और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में करियर एवं नवाचार के नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आगामी 4 और 5 अक्टूबर को गौलापार का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम देशभर की युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं और रॉकेट्री तकनीक के प्रदर्शन का केंद्र बनेगा।





































