रानीखेत। श्री नंदा देवी महोत्सव में मंगलवार की शाम महिलाओं की पारम्परिक झोडा़ प्रतियोगिता में क्षेत्र की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। जिसमें ग्राम सभा खनिया प्रथम, मातृशक्ति ग्रुप रानीखेत द्वितीय व बीएसएनएल कालोनी तृतीय स्थान पर‌ रही।तीन घंटे तक चली प्रतियोगिता को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। 

मंगलवार अपराह्न समय‌ श्री नंदादेवी महोत्सव सांस्कृतिक मंच पर छात्राओं और महिलाओं की पारम्परिक परिधान एवं शृंगार प्रतियोगिता आयोजित हुई। छात्रा वर्ग में ज्योति,संजना आर्या व‌ याति आर्या क्रमशः प्रथम द्वितीय व तृतीय रहे। महिला वर्ग में दीपिका वर्मा, शोभा और प्रियंका साह क्रमशः प्रथम द्वितीय, तृतीय रहे।

प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ रजनी भट्ट व सुश्री मंजू मठपाल रहे। सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल सती ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।संचालन दीपक पंत ने किया।

वहीं देर शाम तक चली पारम्परिक झोडा़ प्रतियोगिता इस बार‌ महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही। नंदादेवी मंदिर परिसर निकट मैदान में हुई इस प्रतियोगिता को देखने बड़ी संख्या में लोग उमड़े।

प्रतियोगिता में क्षेत्र भर से आई महिला टीमों ने शिरकत कर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन‌ मोह लिया। प्रतियोगिता में ग्राम सभा खनिया प्रथम, मातृशक्ति ग्रुप शिव मंदिर रानीखेत द्वितीय और बीएसएनएल कालोनी पोदीनापानी की टीम तृतीय स्थान पर रहीं। च्येली ब्वारी ग्रुप, इंदिरा बस्ती, ग्राम सोंखोला, वलना, गरमपानी, सिंगोली, कारचूली, ऐरोली और बद्री व्यू की महिला टीमों को विशेष पुरस्कार दिया गया।

इस अवसर पर विजेता टीमों को सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल‌ सती , नंदा देवी समिति अध्यक्ष हरीश लाल साह और प्रतियोगिता प्रायोजक अंशुल साह और‌ व्यापार मंडल‌ उपाध्यक्ष दीपक पंत,विनीत चौरसिया ने पुरस्कार व‌ नगद धनराशि देकर‌ प्रदान कर सम्मानित किया।

समिति की ओर से सिंगोली गांव‌ में गुलदार से अपनी आत्मरक्षा में भिड़ने वाली बुजुर्ग महिला कमला देवी को महिला बहादुरी सम्मान से सम्मानित किया गया। झोड़ा प्रतियोगिता के‌ निर्णायक द्वाराहाट से आए लोक‌ कलाकार‌ भुवन लहरी और विमल‌ साह रहे।

कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी विमल सती ने किया। इस अवसर‌ पर छावनी परिषद नामित सदस्य मोहन नेगी,‌भुवन‌ साह , मुकेश साह, प्रमोद कांडपाल,‌खजान पांडे, एल‌एम चंद्रा, मोहिल साह, गौरव भट्ट, रामेश्वर गोयल,अभिषेक कांडपाल,जयंत रौतेला ,सोनू सिद्दीकी,गौरव तिवारी, आदि मौजूद रहे।

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