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वाहन को बचाने में अनियंत्रित हुई कार, हादसे में उजड़ गया परिवार

खीरी। लखीमपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे 30 पर हुए हादसे ने परिवार को उजाड़ दिया। चंद मिनट के अंदर परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर मौत हो गई। एक बुजुर्ग महिला ने शाहजहांपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

परिवार के मालिक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक, हादसे की वजह कार की स्पीड बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि सामने से आ रहे किसी वाहन को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर तोड़कर दूसरी साइड में आ गई।

वहां सामने से आ रहे ट्रक ने उसे सीधी टक्कर मार दी। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में इंदिरानगर में कुर्वांचल नगर के दिनेश चंद्र उपाध्याय कर्मचारी कल्याण निगम से रिटायर हैं। इनके तीन बेटे हैं। इसमें दीपक सबसे बड़े थे। उनसे छोटे राजीव और सबसे छोटे कमल उपाध्याय। कमल बैंक में जॉब करते हैं।

दीपक और राजीव दोनों अविवाहित थे। उनकी कोई बहन नहीं है। दीपक आईटी सेक्टर में काम कर रहा था। राजीव एमबीए की तैयारी कर रहा था। हादसे की सूचना पाकर छोटा बेटा कमल पसगवां सीएचसी पहुंचा।

जहां उसने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे अपनी कार से सभी लोग उत्तराखंड के लिए निकले थे। कार दीपक की ही थी। जिसे वह खुद चला रहा था। पास की सीट पर छोटा भाई राजीव बैठा था।

पीछे की सीट पर दिनेश चंद्र उपाध्याय, उनकी पत्नी विमला देवी व भाभी विमला बैठी हुई थीं। बताया जाता है कि कार एनएच 30 पर उचौलिया क्षेत्र में जब आई तो रास्ते में गांव जलालपुर के पास मां वैष्णो पेट्रोल पंप के सामने किसी वाहन को बचाने के चक्कर मे अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए ट्रक कंटेनर में टकरा गयी। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए।

दीपक की शादी के सिलसिले में जा रहे थे

हादसे की सूचना पर लखनऊ से पहुंचे बेटे कमल ने बताया कि वे लोग उत्तराखंड के ही मूल निवासी हैं। परिवार पहले उत्तराखंड के नन्दीग्राम अल्मोड़ा में रहता था। कल्याण निगम में पिता दिनेश चंद्र की नौकरी के कारण वह लोग लखनऊ में रहते है। अब पिता रिटायर्ड हो चुके है। परिजनों ने बताया कि दीपक की शादी के सिलसिले में उत्तराखंड में बात चल रही थी। सभी को पहले रुद्रपुर और फिर हल्द्वानी जाना था। इस बीच यह दर्दनाक हादसा हो गया।

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