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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के बाहर अपने संबोधन में एक फरवरी 2025 को पेश होने वाले बजट में मिडिल क्लास और गरीबों के लिए खुलने वाले पिटारे को लेकर बड़े संकेत दे दिए हैं।

पीएम मोदी के भाषण में मिडिल क्लास और गरीबों के खासतौर जिक्र किए जाने के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या मध्यम वर्ग को सरकार बजट में बड़ी सौगात देने की तैयारी में है।

देवी लक्ष्मी गरीबों और मध्यम वर्ग पर अपनी कृपा बरसाएं

पीएम मोदी ने बजट सत्र के पहले दिन संसद पहुंचने के बाद अपने संबोधन में कहा, बजट सत्र से पहले मैं धन और समृद्धि की देवी देवी लक्ष्मी को नमन करता हूं. मैं देवी लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि वे गरीबों और मध्यम वर्ग पर अपनी कृपा बरसाएं।

प्रधानमंत्री ने खासतौर से अपने भाषण में मिडिल क्लास का जिक्र किया है ऐसे में क्या बजट में मिडिल क्लास के लिए टैक्स में राहत से लेकर, महंगाई से निजात दिलाने के लिए बड़े एलान किए जा सकते हैं।

टैक्स के बोझ से परेशान मिडिल क्लास

दरअसल सरकार के बड़े समर्थकों ने कहा है कि मिडिल क्लास एनडीए सरकार से दुखी है ऐसे में प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री से लंबे समय से परेशान मिडिल क्लास इनकम टैक्सपेयर्स को बजट में राहत देने की मांग की गई है।

मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ हाल के वर्षं में बढ़ा है. इंडीविजुअल्स टैक्स कलेक्शन (Individual Tax Collection ) 2020-21 में 4.87 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 10.45 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंचा है यानी 3 सालों में इसमें 114 फीसदी का उछाल आ चुका है. वित्त वर्ष 2024-25 में इंडीविजुअल्स टैक्स कलेक्शन में 22 फीसदी का उछाल आया है और ये इस वित्त वर्ष में 12.5 लाख करोड़ रुपये तक जा सकता है।

सरकार पर खपत और मांग बढ़ाने का दबाव

देश के बिजनेस चैंबर्स ने भी सरकार से डिमांड और कंजम्प्शन को बढ़ावा देने की मांग की है।

उद्योगजगत देश में महंगाई के चलते खपत में कमी से परेशान है क्योंकि इसका असर कंपनियों से सेल्स पर पड़ रहा है. सीआईआई ने सरकार को बजट में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को घटाने का सुझाव दिया है जिससे खपत को बढ़ावा दिया जा सके।

बिजनेस चैंबर ने 20 लाख रुपये तक सालाना कमाने वालों के लिए इनकम टैक्स रेट्स को कम करने का सुझाव दिया है।

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