उत्तराखंड में गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

गुरुवार (4 दिसंबर) को गजल्ड़ गांव में मंदिर से लौट रहे राजेंद्र नौटियाल पर गुलदार ने हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल है।

हालात को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पौड़ी और कोट विकासखंड के चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों को 5 से 8 दिसंबर तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में गुलदार की गतिविधियां अधिक दर्ज की गई हैं, वहां बच्चों की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है. उन्होंने वन विभाग और पुलिस को प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जिनके तहत बच्चों और बुजुर्गों को अकेले घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास कैमरा ट्रैप लगाने और पिंजरे स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

गुलदार के हमले के बाद विकासखंड पौड़ी के कई आंगनबाड़ी केंद्रों कौडला, कफलना, बाड़ा, सिरोली, पिसोली, डोभा और वजली में छुट्टी घोषित की गई है।

उधर, विकासखंड कोट के देवार क्षेत्र में हाल ही में एक बच्चे पर हुए हमले को देखते हुए देवार 1, देवार, उडडा, बुरांसी, देवल (चमना), काण्डा और नवन आंगनबाड़ी केंद्रों में भी 5 से 8 दिसंबर तक अवकाश घोषित किया गया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. वन विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहे हैं. ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है कि वे सतर्क रहें, बच्चों को अकेले न भेजें और वन्यजीवों की सक्रियता वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

इधर बढ़ते खतरों को देखते हुए वन विभाग ने भी सख्त रुख अपनाया है।

प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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