मानसिक प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज के मुकदमे में फंसाने की धमकी के आरोप; न्यायालय के आदेश पर नेहरू कॉलोनी थाने में केस दर्ज
देहरादून। नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग द्वारा ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या किए जाने के मामले में न्यायालय के आदेश के बाद उनकी बहू समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया है कि बुजुर्ग लंबे समय से कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान थे और उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने तथा परिवार को दहेज के मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी जा रही थीं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, इंदरपुर चौक, नेहरू कॉलोनी निवासी संजय सेमवाल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की शिकायत की थी। संजय के मुताबिक उनका विवाह जनवरी 2026 में टिहरी गढ़वाल के मलेथा निवासी बसंती देवी के साथ मां धारी देवी मंदिर में हुआ था।
शिकायत में संजय ने आरोप लगाया कि विवाह के कुछ समय बाद ही उनकी पत्नी द्वारा उनके माता-पिता के साथ कथित तौर पर क्रूर व्यवहार किया जाने लगा। आरोप है कि पारिवारिक विवाद के दौरान बार-बार आत्महत्या के लिए उकसाने और परिवार के सदस्यों को दहेज संबंधी मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी जाती थीं। परिजनों का दावा है कि इस कथित व्यवहार के चलते घर का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता चला गया।
बताया गया कि कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर संजय के पिता चंद्र मोहन सेमवाल ने 18 मई को देहरादून के गोरखपुर रेलवे फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल छा गया।
परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि चंद्र मोहन ने अपनी मृत्यु से पहले देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और टिहरी गढ़वाल पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद घटना होने से परिवार ने मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मामले में न्यायालय के आदेश के बाद नेहरू कॉलोनी थाने में बसंती देवी, उसकी बहन आरती, किरण और रतन बिष्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मृतक द्वारा दिए गए कथित प्रार्थना पत्रों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
नेहरू कॉलोनी इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान के अनुसार, मामले में जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा आरोपों से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। आरोप सही हैं या नहीं, यह पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।




