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सर्विस से यदि घर पर आपके नाम का क्रेडिट कार्ड मिले या इसकी लिमिट बढ़ाने के लिए मोबाइल परमैसेज आए तो सतर्क हो जाइए। साइबर ठग ऐसे हथकंडों से आपके बैंक खाते में सेंध लगा सकते हैं।

इन दिनों क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं. कोरियर से लोगों को जो क्रेडिट कार्ड भेजे जा रहे हैं, वो हूबहू बैंक जैसे ही हैं. बाकायदा बैंकों के नाम और लेटर पैड के साथ इनको जारी किया जा रहा है।

क्रेडिट कार्ड मिलने के बाद बैंक के नाम पर साइबर ठग कॉल कर रहे हैं। वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी साझा करते ही खाते से रकम कट जा रही है. ठीक ऐसे ही क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी की जा रही है।

समझदारी काम आई, बैंक खाता सुरक्षित
बंगालीकोठी निवासी एसपी सती साइबर ठगी से बच गए। दरअसल, उनके घर पर कोरियर से क्रेडिट कार्ड आया। फिर बैंक का कर्मचारी बताकर किसी व्यक्ति ने कॉल की।

उसने बताया कि एसबीआई की ओर से क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है। सती को मोबाइल पर मिला ओटीपी बताने को कहा गया। सती ने क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन से इनकार कर दिया। उन्होंने एसबीआई प्रबंधन से बात की तो पता चला कि उनको ऐसा कोई क्रेडिट कार्ड जारी नहीं किया गया है।

ग्राहकों को बैंक नहीं भेजते ओटीपी या लिंक

साइबर सेल के अनुसार, बैंकों की ओर से ग्राहकों को किसी भी प्रकार के लिंक या ओटीपी नहीं भेजे जाते। इस प्रकार के लिंक को कभी भी क्लिक न करें। मोबाइल कॉल पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

ओटीपी देते ही बैंक खाते से कट गए हजारों रुपये
डालनवाला निवासी अंकित कोली हाल ही में साइबर फ्रॉड के शिकार हुए. 13 को मोबाइल पर क्रेडिटकार्ड की लिमिट बढ़ाने को लेकर कॉल आई थी।

फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई का कर्मचारी बताया। अंकित को कॉल के दौरान ही मोबाइल पर ओटीपी मिला, जिसे साझा करते ही उनके खाते से आठ हजार रुपये कट गए।

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