नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने गुरुवार को नैनीताल स्थित कार्यालय में आयोजित जनता मिलन (जनसुनवाई) कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि विवाद, साइबर ठगी, अवैध निर्माण, गुमशुदगी, पारिवारिक विवाद और धन वापसी जैसे गंभीर मामलों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी कराया गया।

जनसुनवाई के दौरान राजभवन रोड आयारपाटा नैनीताल निवासी वीर श्रीवास्तव एवं अन्य लोगों ने पार्किंग स्थल में अनावश्यक वाहन खड़े किए जाने और कूड़ा फेंकने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पार्किंग स्थल में केवल दो वाहन ही खड़े किए जाएंगे। यदि इससे अधिक वाहन पाए गए तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्राधिकरण के जूनियर इंजीनियर (जेई) को क्षेत्र में संचालित अवैध होम स्टे के निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने के निर्देश दिए।

बागेश्वर निवासी शांति राठौर ने अपने पुत्र जगदीश, जो उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के पद पर काठगोदाम कोतवाली में तैनात थे और पिछले दो माह से लापता हैं, का मामला आयुक्त के समक्ष रखा। इस पर दीपक रावत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को दूरभाष पर शीघ्र खोजबीन करने के निर्देश दिए। साथ ही कांस्टेबल की माता के भरण-पोषण के लिए उपजिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु लिखित प्रार्थना पत्र देने की सलाह दी।

धारी तहसील के ग्राम सभा मनाघेर निवासी नीमा परिहार ने अपने पिता की 19 नाली भूमि के नाम दर्ज करने संबंधी समस्या रखी। लेखपाल ने बताया कि संबंधित भूमि श्रेणी-4 की सरकारी भूमि है। इस पर आयुक्त ने कहा कि शासन से अगले आदेश आने तक शिकायतकर्ता उक्त भूमि पर खेती जारी रख सकते हैं।

हल्द्वानी के आजाद नगर निवासी अब्दुल राजिक ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर करीब 1.50 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि Crypque नामक कंपनी और Mobycryp ऐप के माध्यम से निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई। मामले में आयुक्त ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद थाना प्रभारी बनभूलपुरा को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान निकालने की सलाह भी दी।

तल्ली निवासी गायत्री खाती ने ब्यूटी पार्लर संचालक द्वारा धनराशि वापस न किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर आयुक्त ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विवाद का समाधान कराया और शेष राशि जल्द लौटाने के निर्देश दिए।

वहीं रत्ना महर, प्रताप सिंह ढैला एवं अन्य लोगों ने निजी रजिस्ट्री भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने संबंधित पटवारी को मौके पर जाकर जांच करने और वास्तविक स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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