कालाढूंगी में बदलेगा सियासी समीकरण? विपिन पांडे ने चुनावी मैदान में उतरने का किया ऐलान।

एथेनॉल फैक्ट्री से लेकर बदहाल सड़कों तक उठाए सवाल, विपिन पांडे ने विधायक पर साधा निशाना।

वंशवाद और परिवारवाद के खिलाफ विपिन पांडे ने खोला मोर्चा, कालाढूंगी से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी।

कालाढूंगी। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। वरिष्ठ समाजसेवी एवं हिंदूवादी नेता विपिन पांडे ने विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरने का ऐलान कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपना पहला घोषणा पत्र जारी करते हुए क्षेत्र के विकास, परिवारवाद, वंशवाद और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर वर्तमान भाजपा विधायक पर तीखे सवाल खड़े किए।

प्रेस वार्ता में विपिन पांडे ने आरोप लगाया कि कालाढूंगी विधानसभा में विकास कार्यों की अनदेखी हो रही है और विधायक पुत्र मोह एवं वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता विकास की उम्मीद लगाए बैठी है, लेकिन जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने के बजाय परिवारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना था कि उनका चुनावी संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ है।

विपिन पांडे ने क्षेत्र में स्थापित की गई एथेनॉल फैक्ट्री का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय जनता के भारी विरोध के बावजूद फैक्ट्री स्थापित की गई। उन्होंने कहा कि जनता की भावनाओं और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सड़कों की बदहाल स्थिति पर भी उन्होंने विधायक को घेरते हुए कहा कि क्षेत्र में गड्ढामुक्त सड़कों के दावे किए गए, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। आज कालाढूंगी विधानसभा की कई सड़कों की हालत खराब है और जगह-जगह सड़कें खुदी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर जनता को केवल आश्वासन दिए गए हैं।

वहीं, विपिन पांडे ने कहा कि वह लंबे समय से सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म के संरक्षण के लिए कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक विचारों और चुनावी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें कालाढूंगी विधानसभा से 20 हजार से अधिक मुस्लिम वोट नहीं चाहिए।

विपिन पांडे ने स्पष्ट किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जनता के बीच जाएंगे और अपने घोषणा पत्र के आधार पर समर्थन मांगेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र में परिवारवाद की राजनीति को चुनौती देना और जनता से जुड़े मुद्दों को चुनाव के केंद्र में लाना है।

अब देखना होगा कि विपिन पांडे की इस चुनावी घोषणा और पहले घोषणा पत्र के बाद कालाढूंगी विधानसभा का राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है और जनता आगामी चुनाव में उनके दावों एवं मुद्दों को कितना समर्थन देती है।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी में 30 अक्टूबर से सजेगा 17वां जोहार महोत्सव, लोकगीतों, लोकनृत्य और पहाड़ी व्यंजनों से महकेगा एमबी इंटर कॉलेज मैदान

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.