धानाचूली। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की धानाचूली शाखा की ओर से वित्तीय जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्राहकों एवं ग्रामीणों को बैंक की विभिन्न जमा, बीमा और ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान शाखा प्रबंधक हिमांशु वर्मा ने ग्रामीणों को अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पात्र लोगों से इन योजनाओं में अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर सामाजिक सुरक्षा का लाभ लेने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि ऐसी योजनाएं विपरीत परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डिजिटल बैंकिंग के फायदे और सावधानियों की दी जानकारी
वित्तीय जागरूकता सलाहकार बीडी नैनवाल ने कार्यक्रम में डिजिटल बैंकिंग, फोन बैंकिंग तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को डिजिटल माध्यम से बैंकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया और कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी, पासवर्ड, पिन, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी अथवा अन्य व्यक्तिगत वित्तीय विवरण किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले साइबर ठगों से भी सावधान रहने की आवश्यकता है।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बचने की अपील
कार्यक्रम में लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी की घटनाओं के प्रति भी जागरूक किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि साइबर ठग विभिन्न तरीकों से लोगों को डराकर या लालच देकर उनकी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे किसी भी संदिग्ध फोन, संदेश या लिंक पर भरोसा न करने तथा किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
बैंक अधिकारियों ने कहा कि वित्तीय सुरक्षा के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित बैंक या अधिकृत साइबर सहायता माध्यम से संपर्क करना चाहिए। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों से सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग अपनाने और अपनी वित्तीय जानकारी को स्वयं तक सीमित रखने की अपील की गई।










