हल्द्वानी। उत्तराखंड मूल के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) बी.डी. खर्कवाल का 17 सितंबर 2026 की सुबह बीमारी के चलते 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
उनके निधन की सूचना से पुलिस एवं प्रशासनिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे पुलिस एवं प्रशासनिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
स्वर्गीय बी.डी. खर्कवाल मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी थे और सेवानिवृत्ति के बाद अपने परिवार के साथ F-14, जज फार्म, धान मिल, हल्द्वानी में रह रहे थे।
कुमाऊं और हल्द्वानी से उनका लंबे समय से पारिवारिक एवं प्रशासनिक जुड़ाव रहा। उनके परिवार में पत्नी श्रीमती नीलिमा खर्कवाल, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पुत्र अमिताभ खर्कवाल भारतीय डाक सेवा में महानिदेशक (DG, Postal Department) के पद से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए।
SSP नैनीताल ने आवास पर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
दिवंगत पूर्व DGP बी.डी. खर्कवाल के हल्द्वानी स्थित आवास पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नैनीताल पुलिस के साथ SSB और CRPF के अधिकारियों एवं जवानों ने भी दिवंगत अधिकारी को ससम्मान अंतिम सलामी दी।
इस अवसर पर SSB 57वीं वाहिनी सितारगंज के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत तथा CRPF हल्द्वानी के डिप्टी कमांडेंट अजय प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्वर्गीय खर्कवाल के पुलिस सेवा में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण करते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।
इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट ले जाया गया, जहां परिजनों एवं गणमान्य लोगों की मौजूदगी में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पूर्वोत्तर भारत में चुनौतीपूर्ण दौर में निभाई अहम जिम्मेदारी
बी.डी. खर्कवाल ने अपने लंबे और गौरवपूर्ण पुलिस सेवाकाल में पूर्वोत्तर भारत के चुनौतीपूर्ण दौर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। असम में उग्रवाद के दौर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्वों का उन्होंने निर्वहन किया।
नवंबर 1990 में असम में ULFA उग्रवादियों के खिलाफ Operation Bajrang शुरू किए जाने के दौरान खर्कवाल गुवाहाटी में केंद्रीय खुफिया अधिकारियों के साथ अभियान से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहे। उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता का उपयोग उस दौर की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में किया गया।
वर्ष 1993-94 में उन्होंने असम के पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में सेवाएं दीं। पुलिस सेवा में उनके लंबे अनुभव, समर्पण और प्रशासनिक योगदान के कारण असम-मेघालय पुलिस बल में उन्हें सम्मान के साथ याद किया जाता रहा। सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई भावी पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन भी किया।
SSB रानीखेत और IB नैनीताल में भी दी सेवाएं
असम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ ही बी.डी. खर्कवाल का उत्तराखंड और कुमाऊं क्षेत्र से भी गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने SSB रानीखेत तथा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), नैनीताल में भी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद हल्द्वानी में रहने के कारण क्षेत्र के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से उनका निरंतर संपर्क बना रहा।
नैनीताल पुलिस अधिकारियों ने भी दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक अमित सैनी, प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रभारी निरीक्षक मुखानी सुशील जोशी, प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी विजय मेहता, प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर चौहान, पीआरओ हेमा ऐठानी तथा ASI हरि सिंह, SSB ट्रांजिट कैंप हल्द्वानी सहित नैनीताल पुलिस के अधिकारी एवं पुलिस बल मौजूद रहे।
उत्तराखंड पुलिस और नैनीताल पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारी बी.डी. खर्कवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके पुलिस सेवा में योगदान को स्मरण किया। पुलिस अधिकारियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।










