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मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मानक निर्धारित करने हेतु समिति गठित

मूल निवास प्रमाण पत्र पर सरकार का बड़ा फैसला

मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था बनाने को सरकार ने उठाया बड़ा कदम

अपर मुख्य सचिव वाली समिति को सौंपा जिम्मा

देहरादून। मुख्यमंत्री  धामी के निर्देश पर राज्य के व्यापक हित में पूर्व में गठित भू-कानून समिति की अनुशंसा पर कार्यवाही हेतु शासनादेश सं0 2232 दिनांक 22 दिसम्बर, 2023 द्वारा उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

यह समिति राज्य सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले भू-कानून के प्रारूप के साथ ही साथ मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में मानकों का निर्धारण करने के संबंध में भी अपनी संस्तुति शासन को उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री धामी द्वारा प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त होने के बाद उसी वर्ष अगस्त माह में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को राज्य में औद्योगिक विकास कार्यों हेतु भूमि की आवश्यकता तथा राज्य में उपलब्ध भूमि के संरक्षण के मध्य संतुलन को ध्यान में रख कर विकास कार्य प्रभावित न हों, इसको दृष्टिगत रखते हुए विचार – विमर्श कर अपनी संस्तुति सरकार को उपलब्ध कराने को कहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में गठित समिति द्वारा राज्य के हितबद्ध पक्षकारों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं से सुझाव आमंत्रित कर गहन विचार -विमर्श कर लगभग 80 पृष्ठों में अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। इसके अलावा समिति ने सभी जिलाधिकारियों से प्रदेश में अब तक दी गई भूमि क्रय की स्वीकृतियों का विवरण मांग कर उनका परीक्षण भी किया।

समिति ने अपनी संस्तुतियों में ऐसे बिंदुओं को सम्मिलित किया है जिससे राज्य में विकास के लिए निवेश बढ़े और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो। साथ ही भूमि का अनावश्यक दुरूपयोग रोकने की भी समिति ने अनुशंसा की है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनके लिये राज्य हित सर्वोपरि है। राज्यवासियों ने जिस संकल्प के साथ राज्य निर्माण का सपना देखा है उसको पूर्ण करने के लिये वे निरंतर प्रयासरत है।

राज्यवासियों का राज्य हित से जुड़ा भू-कानून हो या मूल निवास प्रमाण पत्र का विषय इस दिशा मे राज्य सरकार संजीदगी के साथ राज्यवासियों के साथ है। इसी के दृष्टिगत इन विषयों पर सम्यक रूप से विचार विमर्श कर अपनी सुस्पष्ट संस्तुति राज्य सरकार को उपलब्ध कराने के लिये ही अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।

जिसमें विषय विशेषज्ञ के रूप में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप मेंशामिल किया गया है। उक्त समिति भू-क़ानून को लागू करने के प्रारूप के साथ ही मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए जाने हेतु मानकों के निर्धारण का कार्य भी करेगी।

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