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बागेश्वर। पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे धूर और सोराग क्षेत्र में हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सब्जी उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचा है और खेतों में तैयार फसल बर्बाद हो गई है।

बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक चली ओलावृष्टि में प्याज, आलू, धनिया समेत बेल वाली सब्जियां जैसे कद्दू, लौकी और तुरई पूरी तरह नष्ट हो गईं। किसानों का कहना है कि उनकी तीन महीने की मेहनत कुछ ही देर में खत्म हो गई। प्रभावित किसानों ने तहसील प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

इस दौरान कपकोट के उच्च हिमालयी गांवों में भी तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई। इन दिनों क्षेत्र में गेहूं की कटाई और मढ़ाई का कार्य चल रहा है, जो लगातार खराब मौसम के कारण प्रभावित हो रहा है। साथ ही शादी-विवाह का सीजन होने से आम लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।

जिले में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। जिला आपदा अधिकारी Shikha Suyal ने बताया कि राजस्व विभाग को नुकसान के आकलन के निर्देश दिए गए हैं और फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

वहीं, मंगलवार देर शाम आए आंधी-तूफान और बारिश के बाद जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 80 से अधिक गांवों में रातभर बिजली गुल रही, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नगर क्षेत्र के कांडा रोड, दुग बाजार, चौरासी, ठाकुरद्वारा वार्ड, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, पीपल चौक, पिंडारी रोड और राम मंदिर क्षेत्र समेत कई इलाकों में देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। मंडलसेरा में बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिंडारी रोड स्थित ठाकुरद्वारा वार्ड में एक लकड़ी का बिजली पोल क्षतिग्रस्त होकर गिरने की स्थिति में है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं दुगनाकुरी और कांडा तहसील क्षेत्रों में बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से 24 घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति ठप रही।

लोगों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने और क्षतिग्रस्त ढांचे को ठीक कराने की मांग की है।

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