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हल्द्वानी। कमलुवागांजा मार्ग पर 14 सितंबर की रात हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 23 वर्षीय नर्सिंग छात्रा कंचन पांडे की उपचार के दौरान मौत हो गई। सड़क पर अचानक आए निराश्रित कुत्ते को बचाने के प्रयास में उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई थी। हादसे में कंचन के सिर में गंभीर चोट आई थी और पिछले दो दिनों से उनका मुखानी स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। 16 सितंबर की देर रात उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस के अनुसार लामाचौड़ निवासी कंचन पांडे निजी कॉलेज में बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष की छात्रा थीं। पढ़ाई के साथ उनकी महिला अस्पताल में भी ड्यूटी लगी थी। बताया गया कि 14 सितंबर की रात कंचन कॉलेज से अपनी स्कूटी पर घर लौट रही थीं। इसी दौरान कमलुवागांजा मार्ग पर अचानक उनकी स्कूटी के सामने एक निराश्रित कुत्ता आ गया।

कुत्ते को बचाने के प्रयास में कंचन ने अचानक ब्रेक लगाए। इससे स्कूटी अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर फिसलकर गिर गईं। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल कंचन को उपचार के लिए मुखानी स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया गया।

दो दिन तक जिंदगी और मौत से जूझती रहीं कंचन

अस्पताल में चिकित्सकों ने कंचन का उपचार शुरू किया, लेकिन सिर में गंभीर चोट होने के कारण उनकी हालत चिंताजनक बनी रही। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। आखिरकार 16 सितंबर की देर रात उपचार के दौरान कंचन ने दम तोड़ दिया।

कंचन की मौत से उनके परिजनों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। एक होनहार नर्सिंग छात्रा की सड़क हादसे में असमय मौत से परिवार सदमे में है।

शिक्षा विभाग में क्लर्क हैं पिता

कंचन के पिता भगवती प्रसाद शिक्षा विभाग में क्लर्क हैं। उनकी मां भावना पांडे हैं, जबकि परिवार में बड़े भाई गौरव पांडे भी हैं। बेटी की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव घर ले गए।

एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि सड़क हादसे में छात्रा के सिर में गंभीर चोट आई थी। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया।

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