चमोली में मौसम बदला और अतिवृष्टि से नगर क्षेत्र के समीप बह रहा मंगरीगाड गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे के आसपास खड़े चार छोटे वाहन मलबे में दब गए, जबकि एक दुकान के बाहर मलबा जमा हो गया है।

करीब पंद्रह मिनट तक हुई भारी बारिश से पीपलकोटी क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए थे।

गदेरे का मलबा बदरीनाथ हाईवे के पुल तक पहुंच गया था। जिससे करीब पंद्रह मिनट तक वाहनों की आवाजाही भी थमी रही। मलबे से अजय नगर और पीपलकोटी बाजार क्षेत्र की पेयजल लाइनें भी मलबे में दब गई हैं।

सोमवार को दोपहर सवा तीन बजे पीपलकोटी क्षेत्र में बारिश शुरु हुई। देखते ही देखते बारिश तेज हो गई। अतिवृष्टि से पीपलकोटी बाजार के समीप बरसाती गदेरा मंगरीगाड उफान पर आ गया। गदेरे में पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी आ गया, जो बदरीनाथ हाईवे तक पहुंच गया। इससे करीब पंद्रह मिनट तक यहां यात्रा वाहनों की आवाजाही भी थमी रही।

विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह का कहना है कि यदि बारिश थोड़ी और रहती तो बदरीनाथ हाईवे भी मलबे से भर जाता। मलबे में पेयजल लाइनें दबने से अजय नगर की पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। नगर पंचायत के एक वाहन के साथ ही चार स्थानीय वाहन मलबे में दब गए हैं। गदेरे के पास राकेश खनेड़ा की दुकान के बाहर भी मलबा जमा हो गया है।

बता दें कि अतिवृष्टि से मंगरीगाड गदेरे में 13 अगस्त 2023 को भी बाढ़ आ गई थी। इसमें नगर पंचायत के भवनों को भारी नुकसान पहुंचा था। जिसके चलते नगर पंचायत को कार्यालय शिफ्ट करना पड़ा था।

यहां तब से गदेरे में भारी मलबा अभी भी जमा है। पिछले साल गदेरा शांत रहने के चलते लोग यहां अपने वाहनों को पार्किंग में लगाने लग गए थे। सोमवार को गदेरे के उफान पर आने से वाहन भी मलबे में दब गए।

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