रानीखेत। गोविंद सिंह मेहरा सरकारी अस्पताल  में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया, जिसकी देखरेख मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. एस. नेगी के नेतृत्व में हुई।

इस आयोजन में सभी आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे और कुल 13 बच्चों को अल्बेंडाजोल दवा दी गई।

इस अवसर पर डॉ. दीपक शर्मा ने हर छह महीने में अल्बेंडाजोल लेने के लाभों पर स्वास्थ्य वार्ता दी।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस हर साल 10 फरवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों में परजीवी कृमि संक्रमण को कम करना है। अल्बेंडाजोल दवा आमतौर पर इस उद्देश्य के लिए उपयोग की जाती है, जो मिट्टी से संचारित हेल्मिंथ्स (एसटीएच) को नियंत्रित करने में मदद करती है।

इस आयोजन का महत्व इस प्रकार है:

– बच्चों का स्वास्थ्य: कृमि संक्रमण से बच्चों के पोषण, वृद्धि और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

– अल्बेंडाजोल के लाभ: यह दवा परजीवी कृमियों को खत्म करने में मदद करती है, जिससे बच्चों का समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है।

– जागरूकता: ऐसे आयोजनों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और समुदाय में स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा मिलता है।

आयोजन में शामिल टीम में डॉ. डी. एस. नेगी, डॉ. दीपक शर्मा और आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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