“दिल्ली में दिखेगा उत्तराखंड की संस्कृति का रंग, मयूर विहार में 11 अक्टूबर को कुमाऊंनी रामलीला”

11 अक्टूबर को ई-जेड-87 पार्क में होगा मंचन, कुर्मीचल जनकल्याण सांस्कृतिक समिति ने शुरू की तैयारियां

नई दिल्ली। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और धार्मिक विरासत को दिल्ली में जीवंत रखने के उद्देश्य से उत्तराखंड कुमाऊंनी रामलीला के आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मयूर विहार फेस-3 स्थित ई-जेड-87 पार्क में आगामी 11 अक्टूबर 2026 को कुर्मीचल जनकल्याण सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में कुमाऊंनी शैली की पारंपरिक रामलीला का मंचन किया जाएगा।

रामलीला के आयोजन को लेकर समिति के सदस्यों और कलाकारों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। आयोजन में उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, लोक संगीत, लोक धुनों और कुमाऊंनी राग-रागिनियों पर आधारित रामलीला को प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से दिल्ली में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

समिति के वरिष्ठ समाजसेवी एवं वर्ष 2015 में प्रथम रामलीला के महासचिव एवं संस्थापक रहे श्री महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कुमाऊंनी रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोककला और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समिति इस बार रामलीला को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि रामलीला की तैयारियों में समिति के सदस्यों और कलाकारों का उत्साह देखते ही बन रहा है। मंचन में पारंपरिक संवाद, संगीत और कुमाऊंनी शैली को प्रमुखता दी जाएगी, ताकि दर्शकों को उत्तराखंड की पारंपरिक रामलीला का वास्तविक अनुभव मिल सके।

महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडी अपनी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। रामलीला जैसे आयोजन इसी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने और भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील की।

आयोजकों के अनुसार दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड की रामलीला समितियों द्वारा इन दिनों तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रवासी उत्तराखंडी समाज के बीच रामलीला को लेकर उत्साह का माहौल है।

माना जा रहा है कि मयूर विहार फेस-3 में होने वाला यह आयोजन भी क्षेत्र में उत्तराखंडी संस्कृति की छटा बिखेरेगा और स्थानीय लोगों को कुमाऊंनी रामलीला की अनूठी परंपरा से परिचित कराएगा।

11 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन को लेकर समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी और स्थानीय दर्शक रामलीला देखने पहुंचेंगे और कलाकारों का उत्साह बढ़ाएंगे।

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