हल्द्वानी/नैनीताल। मूल रूप से ओखलकांडा ब्लॉक के ग्राम भद्रकोट निवासी मेधावी छात्र अजय महरा का देश के परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक पद पर चयन हुआ है।
चयन के बाद उन्हें बार्क ट्रेनिंग सेंटर, मुंबई में एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके उपरांत उनकी नियुक्ति वैज्ञानिक के रूप में होगी। इस उपलब्धि से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
अजय महरा शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी से हाईस्कूल में 96 प्रतिशत अंक तथा इंटरमीडिएट में 9.4 सीजीपीए प्राप्त किया।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की, जहां उन्हें मेधावी छात्र के रूप में छात्रवृत्ति भी मिली।
आगे उन्होंने एमबीजीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी से एमएससी (भौतिक विज्ञान) उत्तीर्ण की तथा जेआरएफ-नेट परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास की।
वर्ष 2026 में आयोजित आईआईटी गेट परीक्षा में अजय ने ऑल इंडिया 22वीं रैंक हासिल की। इसके बाद परमाणु ऊर्जा विभाग में भौतिक विज्ञान विषय के कुल 29 वैज्ञानिक पदों में उनका चयन हुआ।
उल्लेखनीय है कि अजय ने बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के केवल सेल्फ स्टडी के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
अजय के पिता धरम सिंह महरा असम राइफल्स में कार्यरत हैं। उनकी माता दीपा महरा का तीन वर्ष पूर्व कैंसर के कारण निधन हो गया था।
बीएससी की पढ़ाई के दौरान अजय ने अपनी माता की देखभाल करते हुए पढ़ाई जारी रखी।
उनकी छोटी बहन काजल महरा भी प्रतिभाशाली छात्रा हैं, जिन्होंने आईआईटी जैम परीक्षा में ऑल इंडिया 325वीं रैंक प्राप्त की है।
अजय महरा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।


