शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत बोले— परीक्षा प्रबंधन में लापरवाही पर नकल विरोधी कानून के तहत होगी कार्रवाई, विश्वविद्यालयों को विकसित करना होगा भरोसेमंद तंत्र
उत्तराखंड में तकनीकी विश्वविद्यालय के दो सेमेस्टर के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों की किसी भी परीक्षा में पेपर लीक या अन्य अनियमितता होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गोपनीयता भंग होने की स्थिति में संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को जवाबदेह माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों के खिलाफ नकल विरोधी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को परीक्षा प्रबंधन के लिए ऐसा विश्वसनीय और मजबूत तंत्र विकसित करना होगा, जिससे प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, पारदर्शिता और परीक्षा की शुचिता हर हाल में बनी रहे। सरकार का उद्देश्य छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ रोकना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। हाल के दिनों में पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में उठे छात्र आंदोलनों के बाद सरकार इस विषय को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए अकादमिक कैलेंडर और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) कैलेंडर को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि कड़े जवाबदेही तंत्र और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के माध्यम से छात्रों का विश्वास मजबूत होगा तथा प्रदेश में निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित की जा सकेगी।


