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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक कुलसचिव एन.एस. रजवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे विश्वविद्यालय परिवार और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

कूटा पदाधिकारियों ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय एन.एस. रजवार केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं थे, बल्कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के सक्रिय आंदोलनकारी और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले कर्मठ कर्मचारी नेता भी रहे।

उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी हितों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कूटा के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वर्गीय रजवार का सरल, मिलनसार एवं संघर्षशील व्यक्तित्व सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका निधन विश्वविद्यालय परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

इस अवसर पर कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, प्रो. नीलू, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. शिवांगी, एलुमनी सेल के अध्यक्ष डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे, डॉ. भुवन आर्य तथा डॉ. नंदन मेहरा सहित अन्य शिक्षकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा विश्वविद्यालय परिवार शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।

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