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रामनगर में सोमवार को राजकीय शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शिक्षण बहिष्कार कर आंदोलन शुरू किया जिससे विद्यालयों में पढ़ाई बाधित हो गई।
राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को सभी हाईस्कूल, इंटर कालेजों में शिक्षक-शिक्षिकाएं शिक्षण बहिष्कार में रहीं जिसके कारण प्रदेश के सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई नहीं हुई।
शिक्षक संघ के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल ने बताया कि प्रधानाचार्य सीधी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने, सभी स्तरों की पदोन्नति सूची जारी किए जाने, स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने आदि मांगों को लेकर राजकीय शिक्षकों ने आज से चाक डाउन, शिक्षण बहिष्कार आंदोलन शुरू किया।

नवेंदु मठपाल ने बताया कि सरकार और विभागीय अधिकारियों ने विगत दो वर्षों में हमारे साथ लगातार वादाखिलाफी की है इसलिए हमें मजबूर हो चरणबद्ध आंदोलन को मजबूर होना पड़ा।
मठपाल के अनुसार चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में शिक्षण बहिष्कार के साथ साथ 25 अगस्त को ब्लाक मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन, 27 अगस्त को जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन, 29 अगस्त को मंडल मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 1 सितंबर से जनपदवार शिक्षा निदेशालय पर धरना, प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान ब्लाक अध्यक्ष, मंत्री संजीव कुमार, अनिल कड़ाकोटी ने बताया कि रामनगर ब्लाक के सभी राजकीय शिक्षक-शिक्षिकाएं और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद बोर्ड कार्यालय में कार्यरत सभी शोध अधिकारी भी शिक्षण बहिष्कार में शामिल रहे।

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