मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर जोहार घाटी के बोना गाँव (गेल पातल) में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में शौका समाज के सुप्रसिद्ध कवि एवं लेखक भूपेन्द्र सिंह बृजवाल ‘निर्बाध’ की 15वीं पुस्तक ‘यादों के भंवर’ का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, साहित्य प्रेमियों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही।
पुस्तक का विमोचन जेएसडब्ल्यूएस के संरक्षक देवेन्द्र सिंह धर्मस्कतू, खड़क सिंह रावत तथा उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय (कुमाऊँ) के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने लेखक को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए सीमांत क्षेत्र में उनके साहित्यिक योगदान की सराहना की।
जानकारी के अनुसार, भूपेन्द्र सिंह बृजवाल ‘निर्बाध’ क्षेत्र के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्रिलोक सिंह बृजवाल के पौत्र हैं। वे साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से अपनी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में वे समाचार पत्र ‘ज्वाऽर मुनस्यार’ के स्वामी, प्रकाशक एवं संपादक के रूप में भी कार्यरत हैं।
कवि ‘निर्बाध’ की साहित्यिक साधना निरंतर जारी है। वे प्रतिदिन हिंदी में एक नई कविता की रचना करते हैं और अब तक 2230 कविताएं लिख चुके हैं। उनकी रचनाएं सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से पाठकों तक पहुंचती हैं। अब तक उनकी 15 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें छह कविता संग्रह शामिल हैं।
‘यादों के भंवर’ के विमोचन पर क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा शौका समाज के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे जोहार घाटी के साहित्यिक गौरव में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।


