देहरादून। प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों और छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब वे आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र दिखाकर किसी भी गैस एजेंसी से पांच किलोग्राम का छोटा एलपीजी सिलिंडर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती ने मंगलवार को रिस्पना पुल के समीप दूरदर्शन केंद्र के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक और छात्र रहते हैं, जिनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि पांच किलोग्राम के छोटे सिलिंडरों की मांग तेजी से बढ़ी है और अब तक 6,700 से अधिक सिलिंडर बेचे जा चुके हैं।
राज्य में घरेलू एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। एक मार्च 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक सिलिंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। साथ ही, डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति भी सुचारू है और किसी प्रकार की कमी की शिकायत नहीं मिल रही है।
वाणिज्यिक गैस आपूर्ति को लेकर सरकार ने 66 प्रतिशत वितरण का एसओपी लागू किया है। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, गेस्ट हाउस, होमस्टे, शादी समारोह और उद्योगों को प्रतिदिन 6,310 सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आगामी चारधाम यात्रा और विवाह सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अप्रैल से नवंबर तक 100 प्रतिशत वाणिज्यिक गैस आपूर्ति बहाल करने और अतिरिक्त पांच प्रतिशत कोटा देने का अनुरोध किया है।
खाद्य सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में भी बदलाव किया गया है। अब अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह में ही तीन महीने (अप्रैल, मई और जून) का राशन एक साथ दिया जा रहा है। हालांकि इसके लिए लाभार्थियों को तीन बार बायोमीट्रिक सत्यापन करना होगा। राज्य में करीब 14 लाख परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
पांगती ने बताया कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग में अब कमी आई है। 15 मार्च को जहां 90 हजार बुकिंग दर्ज हुई थी, वहीं 6 अप्रैल तक यह घटकर 45 हजार रह गई, जिससे स्थिति सामान्य हो गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। अब तक 6,205 निरीक्षण किए जा चुके हैं, 19 एफआईआर दर्ज हुई हैं और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

