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घरों, मंदिरों और शिक्षण संस्थानों में होगी मां सरस्वती की पूजा

वसंत पंचमी आज: मां सरस्वती की कृपा पाने का शुभ दिन, पीले रंग और पूजा का विशेष महत्व

उत्तराखंड में वसंत पंचमी की धूम: मंदिरों में पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विवाह आयोजनों की बहार

वसंत पंचमी के अवसर पर आज घरों, मंदिरों, शिक्षण संस्थानों और प्रतिष्ठानों में ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा की जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त

पूजा का उत्तम समय: सुबह 9:53 से 11:13 बजे तक

शिक्षा आरंभ का श्रेष्ठ समय: सुबह 8:33 से 11:13 बजे तक

देर शाम तक बाजारों में मूर्तियों, फूलों और पतंगों की खरीदारी के लिए भीड़ लगी रही। बच्चों से लेकर युवाओं तक में खासा उत्साह देखने को मिला।

वसंत पंचमी का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का विशेष महत्व है। यह पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और यह दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है।

ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार, पंचमी तिथि आज रात 1:47 बजे तक रहेगी। शास्त्र सम्मत विधान के अनुसार माघ शुक्ल पंचमी तिथि व्याप्त होने से आज वसंत पंचमी मनाई जाएगी।

पीले रंग का विशेष महत्व

उत्तराखंड विद्वत सभा के अध्यक्ष हर्षपति गोदियाल के अनुसार, इस दिन पीले रंग का खास महत्व होता है।

मां सरस्वती को पीले फलों और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है

पीले वस्त्र पहनकर पूजा करना शुभ माना जाता है

सामाजिक संस्थाओं ने की भव्य तैयारियां

पूर्वा सांस्कृतिक मंच

पूर्वा सांस्कृतिक मंच के संस्थापक महासचिव एवं अध्यक्ष सुभाष झा ने बताया कि राजपुर रोड स्थित साई मंदिर में दो दिवसीय 16वां सरस्वती पूजा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

पहले दिन: पूजा-अर्चना, कवि सम्मेलन, संध्या आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम

शनिवार: प्रतिमा विसर्जन

बिहारी महासभा

बिहारी महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह और सचिव चंदन कुमार झा ने बताया कि श्री शिव रुद्र बालयोगी ट्रस्ट परिसर में सरस्वती पूजन उत्सव आयोजित होगा।

पहले दिन: प्रसाद वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आरती व भंडारा

शनिवार: मूर्ति विसर्जन

यह है धार्मिक मान्यता

मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती हाथों में पुस्तक, वीणा और माला लेकर श्वेत कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुई थीं।

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मां सरस्वती की पूजा से मां लक्ष्मी और देवी काली भी प्रसन्न होती हैं।

ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा

स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र धारण करें

पूजा स्थल पर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें

गंगाजल से स्नान कराकर पीले वस्त्र पहनाएं

पीले फूल, गुलाब, धूप-दीप अर्पित करें

पीली मिठाई का भोग लगाकर सरस्वती वंदना करें

इच्छानुसार सरस्वती कवच का पाठ करें

फूल और मूर्ति कारोबारियों के खिले चेहरे

वसंत पंचमी पर विवाह और मांगलिक आयोजनों के कारण फूल बाजार में खासा रौनक रही।

गेंदा फूल: 120 रुपये प्रति किलो

गुलाब: 30 रुपये प्रति फूल

मूर्ति निर्माता अशोक लाल ने बताया कि चौक मिट्टी से बनी मूर्तियां तैयार की गई हैं, जो पानी में आसानी से घुल जाती हैं।

मूर्तियों की कीमत: 250 से 8,000 रुपये तक

दून में 100 से अधिक विवाह व मांगलिक आयोजन

वसंत पंचमी पर देहरादून में 100 से अधिक विवाह व मांगलिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

होटल, वेडिंग प्वाइंट, बैंड-बाजा, डेकोरेशन और पूजा सामग्री कारोबारियों में उत्साह देखा जा रहा है।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि आज होगी तय

बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि वसंत पंचमी पर नरेंद्र नगर राजदरबार में धार्मिक समारोह आयोजित होगा।

विधिवत पूजा और पंचांग गणना के बाद बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी।

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