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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के घरेलू गैस बाजार पर भी दिखने लगा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग को लेकर नया नियम लागू किया है। इसके तहत अब घरेलू उपभोक्ता पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 21 दिन बाद ही नया एलपीजी सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने यह व्यवस्था पैनिक बुकिंग को रोकने और सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए लागू की है। हाल के दिनों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं द्वारा तय समय से पहले सिलेंडर बुक किए जाने के कारण गैस की मांग अचानक बढ़ गई थी।

दरअसल ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण लोगों में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से कई शहरों में उपभोक्ताओं ने समय से पहले सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया, जिससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर दबाव बढ़ने लगा।

ऑल इंडिया भारत गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुकोमल सेन के अनुसार कुछ क्षेत्रों में बुकिंग में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर कोलकाता और आसपास के इलाकों में एक दिन में करीब डेढ़ लाख एलपीजी बुकिंग दर्ज की गईं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या लगभग एक लाख रहती है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। शुक्रवार रात 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई।

तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल एलपीजी की सप्लाई पर्याप्त है और किसी तरह की कमी नहीं है। इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में बुकिंग में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। कंपनियों ने उपभोक्ताओं से घबराकर अतिरिक्त बुकिंग करने से बचने की अपील की है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत सहित कई देशों के ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

फिलहाल कंपनियों का कहना है कि 21 दिन का लॉक-इन नियम लागू होने से अनावश्यक बुकिंग कम होगी और गैस सप्लाई व्यवस्था सामान्य बनी रहेगी।

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