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 मानसून से पहले व्यवस्था दुरस्त करने के दिए निर्देश

 उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD),पेयजल,सिंचाई, विद्युत, और स्थानीय प्रशासन के जनपद नैनीताल के अधिकारियों को कहा है कि बरसात शुरू होने से पहले शहरो मै जलभराव और आपदा से निपटने की सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं।

पहाड़ मै आपदा से बंद होने पर मोटर मार्गो को खोलने हेतु मोटर मार्गो पर जेसीबी मशीने ख़डी करने,जलभराव की समस्या का समाधान

नालों की सफाई: शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी छोटे-बड़े नालों की सिल्ट (मलबे) की सफाई, नदियों का डाइवर्जन तय समय पर पूरी की जाए ताकि भारी बारिश में पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके।

सड़कों पर जलजमाव: जिन मुख्य मार्गों और चौराहों पर पानी जमा होता है, वहां तत्काल ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाए। सड़कों की मरम्मत और भूस्खलन प्रबंधन गड्ढामुक्त सड़कें: बरसात से पहले सभी मुख्य और लिंक मार्गों के गड्ढों को भरने का काम पूरा किया जाए।

: पर्वतीय या ढलान वाले क्षेत्रों में जहां भूस्खलन का खतरा ज्यादा रहता है, वहां मलबे को तुरंत हटाने के लिए जेसीबी (JCB) और पोकलैंड मशीनें पहले से तैनात की जाएं।

आवश्यक सेवाओं की निरंतरता 

बिजली और पानी: तेज हवाओं और बारिश के कारण बिजली के पोल गिरने या तार टूटने की स्थिति में तुरंत बहाली के लिए रिस्पॉन्स टीम तैयार रहे। पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित हो। बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए।

मंत्री कैड़ा ने “तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि बरसात के दौरान अधिकारियों की सुस्ती के कारण जनता को परेशानी उठानी पड़ी या जलभराव की स्थिति पैदा हुई, मोटर मार्ग बंद रहे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाकर काम करने और एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

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