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हल्द्वानी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में वंचित और गरीब तबके के बच्चों की प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत 15 मार्च से 26 मार्च तक ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्व में पंजीकृत निजी विद्यालय अपडेट करेंगे और नए विद्यालयों का पंजीकरण किया जाएगा।

1 अप्रैल से 21 अप्रैल तक छात्र ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करेंगे। इसके लिए 23 अप्रैल तक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर आवेदन पत्र और संबंधित अभिलेखों को जमा कराना होगा। 28 अप्रैल तक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर छात्रों के प्रपत्रों की जांच एवं लाटरी के लिए पोर्टल पर बच्चों की अहर्ता पुष्टि की जाएगी।

30 अप्रैल को विद्यालयों में प्रवेश के लिए लॉटरी प्रक्रिया होगी। दो मई तक लॉटरी परिणाम खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चस्पा और पोर्टल पर लॉटरी परिणाम उपलब्ध किए जाएंगे। तीन मई से 15 मई तक निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया होगी।

16 मई से 19 मई तक निजी विद्यालय पोर्टल पर प्रवेशित बच्चों की सूची अपलोड करेंगे। मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया के लिए पिछले वर्षों तक ऑनलाइन पोर्टल का संचालन इंडस एक्सन संस्था की ओर से किया जाता था। इस बार पोर्टल का संचालन एनआईसी के माध्यम से किया जाएगा।

आरटीई के तहत पढ़ने वाले छात्रों का होगा सत्यापन
आरटीई के तहत छात्रों के भौतिक सत्यापन, छात्र प्रतिपूर्ति के लिए बच्चों के बैंक अकाउंट एक्टिव करने के संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी उपशिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जांच टीम बनाकर निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का भौतिक सत्यापन के साथ बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड का सत्यापन किया जाएगा।

जिससे छात्र प्रतिपूर्ति की धनराशि देने में कोई परेशानी ना हो। जबकि गलत खाता संख्या के कारण कई छात्रों का पैसा वापस आ जाता है। निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य या प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं कि यदि छात्रों के खाते में पैसा नहीं पहुंचता है तो जिम्मेदारी संबंधित स्कूल की होगी।

सीईओ ने निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालयों को पूर्व में ऑफलाइन मान्यता दी गई है। यदि उनकी मान्यता प्राप्ति को पांच वर्ष पूर्ण हो गए हों या मान्यता समाप्त हो गई हो तो वे ऑनलाइन माध्यम से मान्यता के नवीनीकरण के लिए आवेदन सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं करने वाले स्कूलों को मान्यता विहीन मानते हुए कठोर कार्रवाई का जाएगी। 

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