राज्य दिवस के अवसर पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की तरफ से विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया मुख्य न्यायाधीश के साथ अन्य न्यायाधीशों के साथ गोल्फ टूर्नामेंट आजामये हाथ
रिपोर्ट गुड़डू सिंह ठठोला
नैनीताल। उत्तराखंड के 27वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाई कोर्ट में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया जा रहा है।
स्थापना दिवस को खास बनाने के उद्देश्य से हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत की गई है। इन प्रतियोगिताओं में हाई कोर्ट के न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और उनके परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ पिछले दिनों हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज तिवाड़ी ने किया। इस अवसर पर हाई कोर्ट के अन्य न्यायाधीश भी मौजूद रहे और उन्होंने भी विभिन्न खेल गतिविधियों में सहभागिता की। आयोजन के तहत कैरम, टेबल टेनिस और गोल्फ सहित कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। स्थापना दिवस तक इन गतिविधियों का सिलसिला जारी रहेगा।
प्रतियोगिताओं को लेकर अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि इन आयोजनों में केवल न्यायाधीश और अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के बच्चे भी हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे आयोजन में पारिवारिक सहभागिता और आपसी मेलजोल का माहौल भी देखने को मिल रहा है।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की इस पहल का उद्देश्य केवल राज्य स्थापना दिवस का उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि बार और बेंच के बीच आपसी समन्वय, बेहतर तालमेल और सौहार्दपूर्ण संबंधों को भी मजबूत करना है। न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं को एक साथ खेल गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिल रहा है, जिससे न्यायिक कार्यों की व्यस्तता और मानसिक तनाव के बीच कुछ समय स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए भी मिल सके।
आयोजकों का मानना है कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक तनाव कम करने और आपसी संबंधों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि स्थापना दिवस के अवसर पर खेल गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड हाई कोर्ट में 27वें राज्य स्थापना दिवस का जश्न खेल भावना, उत्साह और आपसी सौहार्द के साथ मनाया जा रहा है। बार और बेंच के एक मंच पर आकर खेलों में सहभागिता करने से यह आयोजन न केवल उत्सव का रूप ले रहा है, बल्कि न्यायिक परिवार के बीच बेहतर संबंधों और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी दे रहा है।

