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हल्द्वानी में जटिल हृदय रोगों के इलाज को मिल रहा विस्तार, चंदन हॉस्पिटल में 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक व वैस्कुलर प्रक्रियाएं पूरीछात्रसंघ चुनाव को लेकर नैनीताल पुलिस पूरी तरह अलर्ट—चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी, ड्रोन से नजर और सघन चेकिंग-फ्रिस्किंग, SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा, पुलिस बल को किया ब्रीफ व कराया फ्लैग मार्च, चेतावनी- चुनाव की आड़ में हुड़दंग, धमकी या अराजकता की कोशिश की तो कार्यवाही तयबैंक कर्मचारियों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल टली, ग्राहकों को बड़ी राहतभीषण सड़क हादसा: ई-रिक्शा को कार ने मारी टक्कर, महिला-बच्चों समेत 13 घायल, तीन की मौतउत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: चारधाम यात्रा स्थगित, 136 पर्वतारोही फंसे, दो की मौत

चंदन हॉस्पिटल हल्द्वानी में 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक प्रक्रियाएं, 100 से ज्यादा जटिल हृदय सर्जरी

100 से अधिक जटिल कार्डियक सर्जरी; बच्चों के जन्मजात हृदय रोग से लेकर बाईपास और वाल्व रिप्लेसमेंट तक की सुविधाएं उपलब्ध

हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र में जटिल हृदय रोगों के उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता अब पहले की तुलना में कम हो रही है। हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल में अब तक 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जिकल तथा इंटरवेंशनल प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं।

इनमें 100 से अधिक जटिल कार्डियक सर्जरी शामिल हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, स्थानीय स्तर पर इस तरह की विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कुमाऊं के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है।

अस्पताल में बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों से लेकर वयस्क मरीजों की बाईपास सर्जरी और हृदय के वाल्व बदलने जैसी जटिल प्रक्रियाएं की जा रही हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार चयनित मरीजों में छोटे चीरे के माध्यम से मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) भी की जा रही है।
बच्चों में जन्मजात हृदय रोगों की सर्जरी
चंदन हॉस्पिटल में बच्चों में पाए जाने वाले विभिन्न जन्मजात हृदय रोगों के जटिल मामलों का उपचार किया जा रहा है। इनमें ASD (Atrial Septal Defect) यानी हृदय के ऊपरी दो कक्षों के बीच जन्मजात छेद, VSD (Ventricular Septal Defect) यानी निचले दो कक्षों के बीच छेद और TOF (Tetralogy of Fallot) जैसे रोग शामिल हैं।
इन रोगों से पीड़ित बच्चों की स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार सर्जिकल एवं इंटरवेंशनल उपचार किया जा रहा है। अस्पताल के अनुसार, RBSK (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के तहत पात्र बच्चों को निःशुल्क हृदय सर्जरी का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
वयस्क मरीजों में बाईपास और वाल्व सर्जरी
वयस्क मरीजों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हृदय की रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज और वाल्व संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए विभिन्न प्रकार की सर्जरी की जा रही हैं। इनमें CABG (कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग) के अलावा MVR (माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट), AVR (एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट) और DVR (डबल वाल्व रिप्लेसमेंट) जैसी जटिल सर्जरी शामिल हैं।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग-अलग आयु वर्ग के मरीजों को उनकी बीमारी के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कर रही उपचार
कार्डियक सर्जरी विभाग का नेतृत्व डॉ. विकास सिंह, चेयरपर्सन—कार्डियक सर्जरी कर रहे हैं। डॉ. विकास सिंह KGMU लखनऊ, Medanta और Apollo जैसे संस्थानों में सेवाएं दे चुके हैं।
वहीं डॉ. रवि कुमार, वाइस-चेयरपर्सन—कार्डियक एनेस्थीसिया, जटिल हृदय सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया तथा मरीज की महत्वपूर्ण शारीरिक गतिविधियों की निगरानी में भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने Medanta Hospital, गुरुग्राम में लगभग 15 वर्षों तक सेवाएं दी हैं।
आयुष्मान और RBSK से पात्र मरीजों को लाभ
जटिल हृदय सर्जरी के उपचार में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं भी सहायक साबित हो रही हैं। अस्पताल में पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार का लाभ दिया जा रहा है। वहीं RBSK के माध्यम से पात्र बच्चों की हृदय सर्जरी निःशुल्क किए जाने की सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा पात्र मरीजों के लिए TPA और कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे उन परिवारों को राहत मिल रही है, जिनके लिए महंगी और जटिल हृदय सर्जरी का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण होता है।
कार्डियोलॉजी विभाग में एंजियोग्राफी से स्टेंटिंग तक सुविधाएं
कार्डियक सर्जरी के साथ अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में भी हृदय रोगों की जांच और इंटरवेंशनल उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, कोरोनरी एंजियोप्लास्टी एवं स्टेंटिंग, डिवाइस क्लोजर और पेसमेकर इम्प्लांटेशन सहित विभिन्न प्रक्रियाएं की जा रही हैं।
ASD और VSD जैसे जन्मजात हृदय रोगों के चयनित मरीजों में डिवाइस क्लोजर के माध्यम से हृदय के छेद को बंद करने की सुविधा भी उपलब्ध है। मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न कैथेटर आधारित कार्डियक प्रक्रियाएं भी की जा रही हैं।
कार्डियोलॉजी विभाग का नेतृत्व डॉ. गौरव यादव और डॉ. रजत कर रहे हैं।
एक ही संस्थान में जांच, इंटरवेंशन और सर्जरी की सुविधा
कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी सेवाओं के एक साथ उपलब्ध होने से मरीजों को जांच से लेकर इंटरवेंशनल उपचार और आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी तक की सुविधा एक ही संस्थान में मिल रही है। इसके अलावा अस्पताल में वैस्कुलर, थोरैसिक और एंडोवैस्कुलर प्रक्रियाएं भी की जा रही हैं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर प्रक्रियाओं और 100 से अधिक जटिल कार्डियक सर्जरी का पूरा होना चिकित्सा टीम के सामूहिक प्रयास और मरीजों के विश्वास का परिणाम है।

अस्पताल में कार्डियक एवं कार्डियोथोरेसिक सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि कुमाऊं और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जटिल हृदय, रक्त वाहिका एवं छाती संबंधी रोगों के उपचार के लिए दूर के शहरों पर कम निर्भर रहना पड़े।

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