छात्रा उपाध्यक्ष के साथ संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद छात्राओं के लिए आरक्षित, संभावित प्रत्याशियों ने जताया विरोध; कॉलेज गेट पर धरना, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हल्द्वानी। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से शासनादेश जारी होने के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय ने शुक्रवार शाम छात्रसंघ चुनाव के लिए पदों का आरक्षण जारी कर दिया। विश्वविद्यालय कार्य परिषद के निर्णय के अनुसार छात्रा उपाध्यक्ष के अलावा संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद छात्राओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण की घोषणा होते ही इसका विरोध शुरू हो गया। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार देर शाम संभावित छात्र प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।
आरक्षण की जानकारी सामने आने के बाद संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तैयारी कर रहे छात्रों में नाराजगी देखी गई। बड़ी संख्या में छात्र समर्थकों के साथ एमबीपीजी कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंच गए। छात्रों ने उच्च शिक्षा मंत्री और कुमाऊं विश्वविद्यालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कॉलेज गेट पर धरने पर बैठे संभावित प्रत्याशी
विरोध प्रदर्शन के दौरान कोषाध्यक्ष पद के संभावित दावेदार मुकेश पांडे और भरत केसरवानी तथा संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार मानस आर्या कॉलेज गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप था कि चुनाव की तारीख घोषित होने के करीब 10 दिन बाद आरक्षण की स्थिति स्पष्ट की गई है। ऐसे में जिन छात्रों ने लंबे समय से चुनाव की तैयारी शुरू कर रखी थी, उनके सामने अचानक स्थिति बदल गई है।
छात्रों का कहना है कि यदि छात्रसंघ चुनाव में पदों का आरक्षण किया जाना था तो इसकी जानकारी सत्र की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दी जानी चाहिए थी, ताकि छात्र उसी के अनुरूप अपनी चुनावी तैयारियां कर सकें।
गेट खोलकर कॉलेज में प्रवेश की कोशिश, पुलिस ने संभाला मोर्चा
विरोध के दौरान कुछ छात्रों ने कॉलेज के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। कुछ समय तक पुलिस और छात्रों के बीच गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
हालांकि बाद में कुछ छात्र जबरन कॉलेज का गेट खोलकर परिसर के अंदर प्रवेश कर गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कॉलेज परिसर में काफी देर तक विरोध और नारेबाजी का माहौल बना रहा।
‘चुनाव में सिर्फ 11 दिन बाकी, अब आरक्षण जारी करना उचित नहीं’
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव की तिथि पहले ही घोषित की जा चुकी है और अब चुनाव में महज 11 दिन का समय शेष है। जल्द ही चुनाव की अधिसूचना भी जारी होने वाली है। ऐसे समय में पदों के आरक्षण की घोषणा किए जाने से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि चुनाव की तैयारी में समय, धन और संसाधन लगाने के बाद अचानक पद आरक्षित कर दिए जाने से कई संभावित प्रत्याशियों की तैयारियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
आरक्षण के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
विरोध कर रहे छात्रों ने संकेत दिया कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आरक्षण के फैसले में बदलाव नहीं किया जाता है तो वे कानूनी विकल्प अपनाएंगे। छात्रों का कहना है कि वे इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
फिलहाल विश्वविद्यालय के आरक्षण संबंधी निर्णय के बाद छात्र संगठनों और संभावित प्रत्याशियों में असंतोष बढ़ गया है। एमबीपीजी कॉलेज में हुए विरोध के बाद अब छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। आगामी दिनों में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।


























