उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के दौरान साधु-संतों के वेश में आए बहरूपियों को पकड़ने के लिए धामी सरकार ने ऑपरेशन कालनेमि चलाया। अब इस ऑपरेशन के माध्यम से देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसमें एक अंतर्राष्ट्रीय धर्मांतरण साजिश का खुलासा हुआ है।

देहरादून पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह युवतियों को प्रेमजाल में फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन निकाह के लिए दबाव बना रहा था।

इस गैंग के तार पाकिस्तान दुबई से जुड़े पाए गए हैं। रानीपोखरी निवासी एक युवती की शिकायत पर शुरू हुई जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से दोस्ती की जाती थी, फिर कुरान की ऑनलाइन तालीम दी जाती थी। इसके बाद पहचान छिपाकर संपर्क करने वाले युवक दिल्ली में निकाह का दबाव बनाते थे।

पुलिस ने इसी सिलसिले में बरेली निवासी एक अन्य युवती का भी रेस्क्यू किया है। अब तक इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अब्दुल रहमान, अब्दुल रहीम, अब्दुल रशीद, अब्दुल सत्तार, आशया उर्फ कृष्णा महेंद्र उर्फ प्रेमपाल सिंह शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ है जांच अभी जारी है।

इस पूरे घटनाक्रम से बाहर निकली युवती ने समाज से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को धर्म के प्रति सही जानकारी दी जानी चाहिए माता-पिता को उनके साथ संवाद बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है ताकि कोई उन्हें गुमराह न कर सके।

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया, कुछ समय पहले आगरा पुलिस ने धर्मांतरण का एक केस ट्रैक किया था, जिसमें एक गिरफ्तारी अब्दुल रहमान की देहरादून से हुई थी।

हमारी स्पेशल टीम अब्दुल रहमान के सभी सोशल मीडिया आईडी को खंगाल रही थी, जिसमें एक पीड़िता का पता चला, जो इस धर्मांतरण के जाल में फंस गई थी। इस मामले की जांच की गई आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

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